किसान दुर्घटना बिमा योजना, 2 वर्ष में 136 प्रस्ताव मात्र 33 प्रस्ताव मंजूर

  • कंपनी की लापरवाही

वर्धा. किसानों के लिए सरकार ने गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बिमा योजना शुरु की है़ उक्त योजना के तहत हादसाग्रस्त किसानों को मुआवजा दिया जाता है़ इसके लिए वर्ष 2018-19 व 2019-20 में जिले से कुल 133 प्रस्ताव कंपनियों को भेजे गए़ इनमें मात्र 33 प्रस्ताव ही मंजूर हो पाये़ जबकि 90 प्रस्ताव अटके पडे है़ कंपनी की लेटलतिफी व लापरवाही से किसान लाभ से वंचित बताये जा रहे है़ 

बता दे कि, खेत में काम करते समय होनेवाले हादसे, गाज गिरना, बाढ, सर्पदंश, बिजली के करंट से मृत्यु होती है़ सडक हादसा सहित अन्य कारणो से किसानों की मृत्यु होती है़ कई बार उन्हें दिव्यांगता भी प्राप्त होती है़ ऐसी स्थिति में किसान परिवार को आर्थिक लाभ मिले इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बिमा योजना शुरु की है़ इसके लिए पिछले दो वर्षों में जिले से 138 प्रस्ताव कृषि विभाग को प्राप्त हुए़

संबंधीत विभाग ने उक्त प्रस्ताव जायका इन्शुरन्स ब्राकर्स प्रा़ लि.नागपुर व दी युनिव्हर्सल सोम्पा जनरल इंशुरन्स कंपनी लि.की ओर मंजूर के लिए भेज दिए़ मात्र दो वर्ष बितने पर कंपनी ने केवल 33 प्रस्ताव को मंजूरी दी है़ जबकि 13 प्रस्ताव अपात्र बताये गए़ इनमें से 58 प्रस्ताव कार्यवाही में रखे गए हैं जबकि 32 प्रस्ताव प्रलंबित बताये गए है़ इस प्रकार कुल 90 प्रस्ताव कंपनी की लापरवाही व अडियल नीति के कारण अटके होने की जानकारी है़ सरकार ने बिमा उतारने के बावजुद भी हादसाग्रस्त किसानों को आर्थिक लाभ से वंचित रखा जा रहा है, ऐसा आरोप किसान संगठनो ने किया है़ 

इन्हें है बिमा संरक्षण

इस योजना के लिए सभी खाताधारक किसान व परिवार के पुत्र व अविवाहित पुत्री इनमें से कोई भी एक व्यक्ती जो 10 से 75 वर्ष आयु गुट के है, उन्हें इस दुर्घटना बिमा योजना का लाभ मिल सकता है़ भलेही इस योजना का अवधी खत्म हो गया हो़ परंतु किसानों को 1 मार्च याने आगामी तीन माह तक आवेदन करने की छुट दी गई है़ 

कंपनी से पत्रव्यवहार जारी – इंगले

कृषि विभाग की ओर से सभी प्रस्ताव संबंधीत कंपनी की ओर भेजे गए है़ इतना ही नहीं तो कंपनी से पत्रव्यवहार भी जारी है़ कंपनी दस्तावेजो की उचित जांच कर लाभार्थियों को पात्र ठहराती है़ नियम व शर्तो के आधार पर सभी को लाभ दिया जाता है. – अनील इंगले, जिला कृषि अधीक्षक