Kruti Samiti, Nitesh Karale

    वर्धा. कोरोना की वजह से पिछले 2 वर्ष से एमपीएससी पद भर्ती प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है़  साथ ही राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण स्वप्नील लोणकर ने आत्महत्या की़  इस आत्महत्या के लिए सरकार जिम्मेदार है. यह आरोप स्पर्धा परीक्षा भर्ती कृति समिति ने पत्र परिषद में लगाया.

    इस दौरान 31 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ध्यानाकर्षण आंदोलन करने का निर्णय समिति ने लिया है. पत्र परिषद में समिति के नितेश कराले, निहाल पांडे व अन्य सदस्य उपस्थित थे़  उन्होंने कहा कि कोरोना प्रकोप व मराठा आरक्षण व अन्य तकनीकी कारणों से राज्य की पद भर्ती परीक्षा, नियुक्ति नहीं हो सकी, जिससे लगभग 15 लाख विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में है.

    कोरोना के कारण पहले ही आर्थिक रूप से कमर टूट गई है़  ऐसे में स्पर्धा परीक्षा की पढ़ाई करने वाला गरीब परिवार के विद्यार्थियों का भविष्य 2-3 वर्ष से अंधेरे में है, जिसके लिए सरकार की नीति जिम्मेदार है़  विद्यार्थियों का प्रश्न तत्काल दूर करने की मांग को लेकर 31 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने कोरोना नियमों का पालन कर ध्यानाकर्षण आंदोलन किया जाएगा.  

    इन प्रमुख मांगों की ओर खींचा जाएगा ध्यान 

    एमपीएससी का टाइमटेबल घोषित करने, यूपीएससी की तरह एमपीएससी लेने, 2020 के एमपीएससी कम्बाइन ग्रुप बी की तारीख 10 दिन में घोषित करने, स्थापत्य अभियांत्रिकी सेवा 3600 उमीदवार तथा 4500 पीएसआय उमीदवारों के साक्षात्कार तत्काल लेने, 413 अधिकारियों की नियुक्ति करने की मांग की जाएगी. महापरीक्षा पोर्टल पर 16 अलग-अलग परीक्षा के आवेदन उमीदवारों ने किए थे, लेकिन उनकी परीक्षा नहीं ली गई है़  महाआईटी सरकारी कंपनी की एसआयटी जांच करने, पुलिस भरती में शारिरीक जांच के बारे में विद्यार्थियों का भ्रम दूर करने सहित आदि प्रमुख मांगों का समावेश है.