निधी की कमी, लटकी आरटीओ बिल्डींग

    • पहले पिपरी में होना था कार्यालय
    • जगह की मालकीयत बनी कारण 
    • सालोड में मिली जगह
    • देढ वर्ष से काम ठप

    वर्धा. कोरोना के कारण सरकारी राजकोष खाली होने के कारण उसका असर सरकारी कामों पर बुरी तरह हो रहा है. आरटीओ कार्यालय के बिल्डींग निर्माण को समय पर निधी नही मिलने से निर्माण कार्य को गत डेढ वर्ष से ब्रेक लग गया है. आरटीओ कार्यालय को स्थाई रूप से बिल्डींग नही होने के कारण कामकाज प्रशासकीय बिल्डींग से चल रहा है. प्रशासकीय परिसर में पर्याप्त जगह नही होने के कारण आरटीओ कार्यालय के कामकाज पर बुरा असर हो रहा था.

    आरटीओं कार्यालय से वाहनों पासिंग, ड्रायविंग लाइसन्स मिलने के कारण प्रतिदिन कार्यालय परिसर में सैंकडों वाहन आने के साथ नागरिकों की भीड उमडती थी. परिणामवश नागरिकों के साथ कार्यालय के अधिकारी व कर्मियों को असुविधा होती थी. आरटीओं कार्यालय को स्थाई रूप से बिल्डींग देने के साथ आवश्यक जगह उपलब्ध कराने के मांग विभाग से की जा रही थी.

    पिपरी में मिली थी जगह

    आरटीओ कार्यालय के लिये पिपरी मेघे परिसर में सरकारी जमीन दी गई थी. सर्वे क्रमांक 25/1 में से दो हेक्टर जमीन आवंटित की गई. जिसके बाद जमिन की मोजदाद कर सरकार की और प्रस्ताव भेजा गया. परंतु आवंटित की हुई जमिन में कुछ हिस्सा निजी जमीन का होने के साथ 80 प्रतिशत जगह पहाडी की होने से तकनिकी समस्या निर्माण हुई. परिणामवश यहां बिल्डींग का कार्य असंभव होने से दुसरी जगह की तलाश आरंभ की गई.

    सालोड में दी नई जगह

    पिपरी की जगह को लेकर नया खुलासा होने के बाद सालोड हिरापुर परिक्षेत्र में सर्वे क्रमांक 324 में की 37.52 हे.आर जगह में से 6 हेक्टर जगह आरटीओ कार्यालय को दी गई. 5 दिसंबर 2016 को जमीन की मालकियत लेने के बाद आरटीओ कार्यालय ने 23 जनवरी 2017 को बिल्डींग निर्माण हेतू प्रस्ताव भेजा. करीब 11 करोड की राशि से आरटीओ कार्यालय की बिल्डींग का निर्माण होनेवाला था.

    जी प्लस 2 पैटर्न पर बिल्डींग के साथ अन्य सुविधा निर्माण की जानेवाली थी. कुल 1795.09 स्केअर मीटर क्षेत्र में बिल्डींग तैयार होनेवाली थी. जिस पर 3 करोड 87 लाख 14 हजार 267 रूपये खर्च होनेवाले थे. शेष राशि से सुरक्षा दिवार, फर्निचर, अंतर्गत सडक, इलेक्ट्रीक व लायटिंग, परिसर का विकास, रेन वाटर हार्वस्टिंग व अन्य काम किये जानेवाले थे.

    बावनकुले ने किया था भूमिपुजन

    आरटीओ कार्यालय के लिये निधी का प्रावधान तत्कालिन पालकमंत्री सुधिर मुनगंटीवार ने किया था. परंतु भूमिपुजन उर्जा मंत्री तथा पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हस्ते विधानसभा चुनाव के पुर्व संपन्न हुआ. जिसके उपरांत बिल्डींग का कार्य शुरू हुआ.

    भाजपा सरकार में मिला निधी

    सालोड गाव विधायक पंकज भोयर ने गोद लेने के कारण वहां आरटीओ कार्यालय की बिल्डींग के लिये तुरंत जगह देने के साथ भाजपा सरकार के कार्यकाल में समय समय पर निधी दिया गया. जिससे बिल्डींग का कार्य तेज गति से शुरू हुआ. करीब 6 करोड की राशि कार्यालय के काम पर खर्च हुई. परंतु सत्तापरिवर्तन व कोरोना के कारण निधी नही मिलने से काम अधर में लटक गया है. बिते देढ वर्ष से कार्यालय का काम ठप पडा है.       

    निधी नही होने से रूका काम

    आरटीओ कार्यालय के लिये निधी प्राप्त नही होने के कारण काम पर ब्रेक लगा है. अबतक 6 करोड का काम हो चुका है. निधी की मांग सरकार की और की गई है.निधी प्राप्त होने के उपरांत काम शुरू किया जायेगा.- दिलीप माथुरकर, उप अभियंता, लोकनिर्माण विभाग,