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    वर्धा. समीपस्थ आंजी बड़ी में अवधि खत्म होकर भी मेडिकल स्टोअर्स बगैर लाइसेंस शुरू रहने से अन्न व औषधि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 2 लाख 65 हजार रुपए की दवा का स्टाक जब्त किया. विशेष बात यह है कि, डाक्टर के नाम पर होने वाले मेडिकल का लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद उनका भाई बगैर लाइसेंस मेडिकल स्टोअर्स चलाने की बात सामने आयी है. तहसील के आंजी बड़ी स्थित साईकृपा मेडिकल स्टोअर्स का लाइसेंस की अवधि 31 अक्टूबर 2020 को समाप्त हो गई. परंतु डा़ अमोल गोमासे के नाम पर होने वाले मेडिकल स्टोअर्स उनके भाई अतुल गोमासे चलाने की जानकारी अन्न व औषधि प्रशासन को मिली. इसकी जांच करने दल गुरुवार को मेडिकल स्टोअर्स पहुंचा.

    दूकान में नहीं था फार्मासिस्ट 

    जांच के दौरान दूकान में फलक लगा हुआ था तथा दूकान से दवा की बिक्री भी शुरू थी, परंतु लाइसेंस दूकान में नहीं मिला. उक्त समय दूकान में फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं था. परंतु बड़े प्रमाण में दवा का स्टाक दिखायी दिया. इसके तहत प्रशासन ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए की दवा का स्टाक जब्त किया. उक्त कार्रवाई अन्न व औषधि प्रशासन के सह आयुक्त महेश गडेकर के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षक सतीश चव्हाण की टीम ने की.

    आपूर्तिकर्ता की होगी जांच

    आंजी स्थित साईकृपा मेडिकल स्टोअर्स का लाइसेंस समाप्त होकर भी अवैध रूप से दूकान को थोक  विक्रेताओं से दवा की आपूर्ति की जाती थी. इसमें कौन-कौनसी एजेन्सी ने दवा की आपूर्ति उसकी जांच की जाएगी.

    6 नमूने भेजे प्रयोगशाला

    इस प्रकरण में अन्न व औषधि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बड़े प्रमाण में दवा जब्त की. इस दौरान उनमें से दवा के 6 नमूने मुंबई स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी है.