Firing in Honduras prison kills five
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    वर्धा. पुत्री पर ही लैंगिक अत्याचार करनेवाले आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई़ उक्त निर्णय विशेष जिला न्यायाधीश-1 सूर्यवंशी ने दिया. लैंगिक अत्याचार प्रतिबंधित कानून की धारा 3 के तहत उम्रकैद व दो हजार का जुर्माना, जुर्माना न भरने पर तीन माह की जेल. साथ ही भादंवि की धारा 506 के तहत एक वर्ष की जेल व 500 रुपए जुर्माना. जुर्माना न भरने पर एक माह की जेल सुनाई गई़ जानकारी के अनुसार पत्नी व पीड़ित बालिका व बालक के साथ आरोपी रहता था. पत्नी बाहर जाने पर वह अपनी ही पुत्री पर अत्याचार किया करता था. इतने पर ही नहीं रुका तो वह बेटी के विरोध करने पर उसकी पिटाई करता था.

    मां को बताई आपबीती

    बालिका ने पिता की हरकतों से तंग आकर मां को आपबीती बताई. मां ने यह बात पीड़िता के दादी को बताई़  इस पर आरोपी ने पत्नी की भी जमकर पिटाई की़  इसके बाद प्रकरण पुलिस तक पहुंचा. सावंगी पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.  पुलिस निरीक्षक दीपक वानखेडे ने जांच पड़ताल के बाद प्रकरण न्यायप्रविष्ठ कर दिया. न्यायालय में छह गवाहों के बयान दर्ज किये गए.  दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद न्यायाधीश सूर्यवंशी ने उपरोक्त निर्णय दिया. सरकारी पक्ष की ओर से एड. विनय आर. घुडे ने कामकाज संभाला. उन्हें पैरवी अधिकारी के रुप में भारती करंडे ने सहयोग दिया.