बनाया युवती का खाता, फिर किया ऐसा कारनामा

  • वर्धा पुलिस की मदद से आरोपी गिरफ्तार
  • एक माह से तलाश में थी जयपुर पुलिस

वर्धा. धोखाधडी मामले में फरार आरोपी को जयपुर पुलिस ने वर्धा पुलिस की मदद से धरदबोचा. उक्त कारवाई को बुधवार की सुबह 11 बजे दौरान आर्वी नाका स्थित पंजाब नैशनल बैंक के एटीएम समक्ष अंजाम दिया गया. पिछले एक माह से जयपुर पुलिस शातिर आरोपी की तलाश मे थी. आरोपी का नाम मयूर विजय तलवेकर (22) बताया गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार गजानननगर निवासी मयूर ने फेसबुक पर युवती के नाम से फर्जी खाता खोला. इसके जरिए उसने जयपुर निवासी किसी व्यक्ती को फ्रेन्ड रिक्वेस्ट भेजी. पश्चात व्यक्ति से बात करनी शुरू कर दी. व्यक्ती भी युवती समझकर उसके झासे में आ गया. दोनो में अच्छी दोस्ती होने से मयूर ने व्यक्ती से पैसो की मांग शुरु कर दी. व्यक्ति भी उसके झांसे में आकर पैसे देता गया. मयूर ने व्यक्ति से 35 लाख के करिब राशी एठने की जानकारी है. व्यक्ति को धोखाधडी होने की बात पता चलते ही, उसके पैरो तले जमीन खिसक गई. व्यक्ती ने इस संबंध में  जयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज की.

पिछले एक माह से पुलिस मयूर की तलाश में थी. इस बीच मयूर फरियादी के संपर्क था. जयपुर पुलिस के तकनीकि विभाग ने जांच करणे पर आरोपी वर्धा का निवासी होने की बात सामने आई. परिणामवश जयपुर पुलिस ने वर्धा पुलिस से संपर्क कर प्रकरण की जानकारी दी. इसी बीच मयूर वर्धा में ही होने की बात सामने आयी. पश्चात जयपुर थाने के पुलिस उपनिरीक्षक सोलंखी के नेतृत्व में एक दस्ता वर्धा में पहुंचा. जहाँ वर्धा थाने के पुलिस उपनिरीक्षक चेतन बोरखेडे, पुलिस कर्मी इम्रान खिलची, रामनगर के थानेदार धनाजी जलक ने महत्वपुर्ण भूमिका निभाते हुए जयपुर पुलिस की मदद की. आरोपी मयूर आर्वी नाका के पंजाब नैशनल बैंक के एटीएम समीप होने की भनक लगते ही पुलिस वहां पहुंची. जहां बडी चलाकी से आरोपी को पकडा गया.

उक्त कारवाई होते ही परिसर में  खलबली मच गई. पश्चात आरोपी को वर्धा थाने में लाया गया. पुछताछ के बाद जयपुर पुलिस आरोपी को लेकर रवाना हुई. इस कारवाई को एसपी डा. बसवराज तेली, अपर पुलिस अधीक्षक निलेश मोरे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी पियूष जगताप, थानेदार योगेश पारधी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया.