मूकमोर्चा ने कलेक्ट्रेट पर दी दस्तक, सैकडों कर्मचारी हुए थे शामील

वर्धा. महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान (उमेद) कर्मचारी कृति समिति के नेतृत्व में उमेद अंतर्गत कार्यरत ठेका कर्मचारी व अधिकारियों के भव्य मूकमोर्चा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर दस्तक दी़ सभी कर्मियों की पुनर्नियुक्ती करें, प्रकल्प का काम त्रयस्त संस्था की ओर न दे, विविध समुदाय संसाधन व्यक्तियों के गत 8 माह का बकाया वेतन अदा करें, सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों को लेकर मूकमोर्चा निकाला गया था़ 

राज्य में ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान सन 2011 से शुरु है़ अभियाना अंतर्गत महिलाओ की संस्था खडी कर उनका सक्षमीकरण किया जाना, आर्थिकदृष्टी से उन्हें मजबूत करना, शाश्वत उपजीविका निर्माण करने जैसे काम किये जाते है़ प्रभावी अमल के लिए राज्य, जिला, तहसील, प्रभाग व ग्राम स्तर पर अभियान कक्ष की स्थापना व स्वरचना की जाती है़  वर्धा जिले में 2009 से महिला बचत समुह के लिए युध्दस्तर पर काम शुरु है़ जिला महिला स्वयं सहायता समुह के लिए होमग्रोन माडेल के रुप में पहचाना जाता है़ 2013 से उमेद एमएसआरएलएम काम शरु है़ जिले में कुल 14 हजार 335 बचत समुह, 944 ग्रामसंघ, 49 प्रभाग महासंघ तैयार किये गए़ कुल 4359 समूह संसाधन व्यक्तीं कार्यरत है़ सभी काम सुचारु तरीके से शुरु रहते समय 10 सितम्बर को मुख्य कार्यकारी अधिकारी महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान मुंबई ने एक आदेश जारी किया.

इसमें कर्मी व अधिकारियों के पुनर्नियुक्ती का एग्रीमेन्ट रद्द कर दिया गया़ इससे समुचे राज्य में अभियान का काम रुक गया है़ इसका परिणाम सैकडो कर्मचारी व उनके परिवारों पर हुआ है़ इसके निषेध में सोमवार, 12 अक्टूबर को महिला कर्मियों ने मूकमोर्चा निकाला़ दोपहर 1 बजे बजाज चौराहे से निकले मोर्चा ने जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक दी़ जहां मांगों का निवेदन जिलाधिकारी तथा जिप मुकाअ के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया़ 10 तारिख का आदेश रद्द करें, कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ती की जाए, आगामी दिनो के लिए सभी ठेका कर्मियों के पद स्थायी रखे जाए़  उमेद अंतर्गत दिये जानेवाले निधी में दोगुनी वृध्दी करें, सभी समुदाय संसाधन व्यक्ती का बकाया मानधन शीघ्र प्रदान करें, ग्राम स्तर पर कार्यरत समुदाय संसाधन व्यक्ती का मानधन बढाकर 5 हजार से 10 हजार करें, सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों का निवेदन में समावेश किया गया.

मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आगामी आंदोलन तीव्र होंगा, ऐसी चेतावनी दी गई़ मूक मोर्चा में शीतल भोयर, सुनिता वाघमारे, वहिदा शेख, संगीता उघडे, साधना झपाटे, किरण मनरेले, शालिनी पाटील, सारिका बुरे, प्रणिता उईके, सुशीला नेहारे, स्नेहा घोडमारे सहित बडी संख्या में महिला कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था़