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    वर्धा. केन्द्र सरकार के जनता विरोधी निर्णय से देशभर की महिलाएं त्रस्त हो गई है. बढ़ती महंगाई से महिलाओं का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है, जिसके विरोध में अब जनवादी महिला संगठन ने रास्ते पर उतरने का निर्णय लिया है. 19 जुलाई को दोपहर 1 बजे जिला कचेरी के सामने चूल्हे पर भोजन पकाकर निषेध आंदोलन करने का निर्णय संगठन के बैठक में लिया गया. वर्ष 2014 में 490 रुपए में मिलने वाला गैस सिलेंडर वर्ष 2021 में 935 रुपए पर पहुंच गया है.

    साथ ही ग्राहकों को मिलने वाली सब्सिडी भी नहीं के बराबर है. वर्ष 2014 में 65 रुपए लीटर होने वाला पेट्रोल 108 तथा डिजल 99 रुपए पर पहुंचा है, जिससे अपने आप ही यातायात का खर्च बढ़ गया व सबकुछ महंगा हो गया है. ग्रामीण विभाग में महिलाओं के हाथ में काम नहीं है. घर कैसे चलाए? यह प्रश्न है, ऐसे में महंगाई से सभी त्रस्त हो गए है. 

    जिला कार्यकारिणी की हुई बैठक 

    इससे अब महंगाई के विरोध में आंदोलन करने का निर्णय जनवादी महिला संगठन की जिला कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया. बैठक में जिलाध्यक्ष प्रतीक्षा हाडके, जिला सचिव दुर्गा काकडे, दीपमाला मालेकर, छाया द्रव्येकर, रंजना रंगारी, कुंदा घंगारे, निर्मला वाघ, बेबी मन्ने, जयश्री कंगाले, रमा चाटे, शारदा गजबे मौजूद थे. महिलाओं पर बढ़ता अत्याचार, किसान बचाव खेती बचाव, बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, उद्योग व व्यवसाय का निजीकरण, सामाजिक न्याय आदि विषयों पर चर्चा की गई. महंगाई के विरोध में आयोजित बैठक में महिलाओं को सहभागी होने का आह्वान जनवादी महिला संगठन ने किया है.