murder

हिंगनघाट. तहसील वार्ड निवासी चिराग भरणे (17) का शव वणा नदी में पाए जाने के बाद वह तैरने में माहिर होने से उसकी हत्या होने का आरोप परिजनों ने लगाया. पुलिस ने जांच कर इस प्रकरण की गुत्थी सुलझाई.  पैसों के लिए अजिंक्य चौधरी ने चिराग की हत्या करने की बात सामने आयी है. पुलिस ने चिराग के दोस्त अजिंक्य चौधरी को गिरफ्तार कर लिया, जिसे 25 जून तक पुलिस रिमांड दिया गया है. चिराग के पिता सूर्यकांत भरने ने थाने में बेटे के 12 जून से लापता होने की शिकायत दर्ज की.

इस पर उसकी खोजबीन के दौरान उसका शव वणा नदी में पाया गया. उसके कपड़ों से पुलिस ने शव की शिनाख्त की. परंतु चिराग तैरने में माहिर होने से डूबने से उसकी मौत होने नहीं की बात करते हुए उसकी हत्या होने का आरोप परिजनों ने लगाया. पुलिस ने चिराग के दोस्तों की जांच शुरू की. चिराग के दोस्त शेख नईम ने बताया कि 12 जून को दोपहर 2 बजे मृतक व अजिंक्य चौधरी दोनों दुपहिया से कहीं गये थे, जिससे उसकी जांच की गई. अजिंक्य ने बताया कि मैं और चिराग मेरे घर गये तब उसने मुझे 500 रुपए उधार मांगें. चिराग को 2 हजार की नोट दी. बाकी पैसे वापस लौटाने की बात कहकर गया चिराग वापस नहीं लौटा. पुलिस को जांच में कुणावार पेट्रोलपंप, तहसील कार्यालय, मरोठी हास्पिटल, नांदगांव चौक के सीसीटीवी फुटेज की जांच में चिराग व अजिंक्य चौधरी रेलवे उड़ान पुल की ओर जाते हुए दिखायी दिये. इससे अजिंक्य झूठ बोलने की बात स्पष्ट हुई.

कड़ी पूछताछ में उगला सच
पुलिस ने अजिंक्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने उधारी के पैसों के लिए चिराग की हत्या करने की बात कबूल की. अजिंक्य वणा नदी परिसर में चिराग को ले गया, जहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. कपड़े व बूट वणा नदी  में फेंकने की जानकारी दी. हिंगनघाट पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डा़ बसवराज तेली, अपर पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी भीमराव टेले के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक सत्यवीर बंडीवार के निर्देश के तहत पुलिस उपनिरीक्षक परमेश्वर आगासे, वसंत शुक्ला, उमाकांत लडके, प्रशांत वाढई ने की.