Nagpur University Campus

  • छात्र परेशान
  • कैरीयर बर्बाद होने का संकट
  • कॉलेज शिकायतों से परेशान

वर्धा. कोरोना संक्रमन के चलते नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा गुरूवार से आरंभ की गई ऑनलाईन परीक्षा छात्रों के लिये सिरदर्द साबित हुई. तकनीकी खराबी के चलते अनेक छात्रों कैरीयर पर सवालियां निशान लग गया है. छात्रों की दिनभर शिकायते सुनकर कॉलेज के प्राचार्य व प्राध्यापक परेशान हुए है.  जिससे परीक्षा के आयोजन को लेकर विवि प्रशासन कटघेरे में खडा हो गया है.

कोरोना संक्रमन के कारण ग्रीष्मकालिन 2020 की परीक्षांए नही हो पाई थी. राज्य सरकार व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग में परीक्षा को लेकर भारी गतिरोध चला. तत्पश्चात यह मामला सुप्रिम कोर्ट तक जा पहुंचा. सुप्रिम कोर्ट के निर्देश बाद अंतिम वर्ष की परीक्षांए नागपुर विश्वविद्यालय ने आनन फानन में 1 अक्टूबर से आयोजित की थी. किंतु तैयारियां होने के पूर्व ही परीक्षा लेने के कारण विवि को परीक्षा रद्द करनी पडी थी. किंतु परीक्षा रद्द होने की ठिकरा विवि प्रशासन ने कर्मचारियों को हडताल बताया था.

परंतु वास्तविकता में जिस कंपनी को परीक्षा काम दिया गया उस कंपनी ने काम ठिक से नही करने से परीक्षा रद्द करनी पडी थी. परिणामस्वरूप विवि ने नये से टाईमटेबल जारी कर 8 अक्टूबर से पुन: परीक्षा का आयोजन किया. आज सुबह 9.30 बजे से दिनभर कुछ ब्रेक देने के बाद ऑनलाईन परीक्षा चली. किंतु ऑनलाईन परीक्षा में कई तकनीकी समस्या निर्माण हुई. छात्रों को एैप डाऊनलोड करने के लिये कहां गया था. तथा उन्हे युजरआयडी व पासवर्ड दिया गया. दी गई समय सिमा पर छात्र ऑनलाईन हुये.

युजर आयडी व पासवर्ड डालने के बाद छात्रों के मोबाईल पर ओटीपी नंबर आनेवाला था. किंतु उनके छात्रों को ओटीपी नही आया. अनेक प्रयास करने के उपरांत ओटीपी जनरेट हुआ. किंतु तब तक काफी समय निकला. परीक्षा के लिये 1 घंटे का समयावधि दिया गया. परंतु ओटीपी जनरेट नही होने से अनेक छात्रों को केवल चंद मिनीटों में ऑनलाईन पर्चा  हल करना पडा. समय होने के उपरांत छात्रों को ऑनलाईन पर्चा सबमिट करना था. किंतु अनेक छात्रों पर्चा ही सबमिट नही होने की जानकारी है.

नेटवर्क की समस्या
ऑनलाईन पर्चा हल करते समय छात्रों को नेटवर्क की समस्या आने की जानकारी है. जिससे अनेक छात्र अपना पर्चा हल नही कर पाये. अनेक छात्र ग्रामीण क्षेत्र के होने के कारण उन्हे सबसे अधिक परेशानी हुई.

20 मिनीट बर्बाद हुये
बीएससी अंतिम वर्ष का आज मायक्रोबॉयलॉजी का पेपर था. ओटीपी जनरेट होने में परेशानी हुई. जिसमें 20 मिनीट का समय बर्बाद हुआ. विवि ने बताया था की लॉगीन के बाद 1 घंटे तक का समय दिया जायेगा. किंतु वास्तविकता में ऐसा नही हुआ. जिससे 40 मिनीट में पर्चा हल करना पडा. परिणामवश कुछ सवाल हल नही हुये.- नुपूर सिंग, छात्रा बीएस्सी अंतिम वर्ष

जल्द बाजी में ली परीक्षा
विवि ने ऑनलाईन परीक्षा के लिये छात्रों को समय देना आवश्यक था. ऑनलाईन परीक्षा संबंधी जानकारी छात्रों तक नही पहुंची थी. फिर भी विवि ने तैयारी पूर्ण करने पुर्व ही जल्द बाजी में परीक्षा लेने के कारण यह समस्या निर्माण हुई. अनेक छात्रों के पास स्मार्ट फोन नही थे. उन्होंने परीक्षा के लिये व्यवस्था की थी. फोन की जानकरी नही होने से भी दिक्कते आई. विवि ने समय देकर कॉलेज के माध्यम ऑफलाईन परीक्षा लेनी चाहिए थी.- डा.संजय धनवटे, प्राचार्य मॉडेल कॉलेज, कारंजा घा.