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वर्धा. तलेगांव (शापं) से कुछ ही दूरी पर सारवाडी परिसर में रविवार की तडके ड्रायफ्रुट से लदा ट्रक हादसाग्रस्त हो गया. इसके बाद ग्रामीण बडी मात्रा में ड्रायफ्रुट लेकर निकल गए. परंतु इस प्रकरण में शिकायत प्राप्त होते ही नया मोड आ गया है. फिलहाल पुलिस ने तीन लोगो को हिरासत में लेकर ग्रामीणों से ड्रायफ्रुट भी बरामद कर लिया है.

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नागपुर निवासी हिमांशू चंद्रकांत भद्रा (30) का श्री दिग्विजय फ्रुट सर्व्हिस ट्रान्सपोर्ट का व्यवसाय है. 10 नवम्बर को नवी मुंबई से नागपुर के लिए ड्रायफ्रुट के माल का ऑर्डर होने से हिमांशू ने उनके भाई मुंबई निवासी मेहुल चंद्रकांत भद्रा के माध्यम से माल बुलाया था.

उन्होंने माल पहुंचाने की जिम्मेदारी नवी मुंबई निवासी वाहन चालक व मालिक जमीर अहेमद जमील अहेमद को सौंपी़ जमीर वाहन क्रमांक एमएच 40 एके 5333 में माल लादकर नवी मुंबई स्थित एपीएमसी से नागपुर के लिए निकला. ट्रक में 18 टन 110 किलोग्रैम माल था जिसमें बदाम, पिस्ता, खारीक, खजूर, मिक्स ड्रायफ्रुट, मसाला पदार्थ जिसकी कींमत 40 लाख रुपए बताई गई.

इसके अलावा ट्रक में नागपुर के अहमद सैय्यद नामक व्यक्ती की 2 टन वजन की आरामशीन भी थी़ रविवार की तडके मेहुल भद्रा को मोबाईल पर संदेश प्राप्त हुआ कि, ट्रक हादसाग्रस्त हुआ. मेहुल के कहने पर हिमांशू भद्रा घटनास्थल पर पहुंचे. जहां वाहन क्रमांक एमएच 40 बीजी 1599 हादसाग्रस्त हुआ दिखाई दिया. उसमें भी ड्रायफ्रुट का माल था़ मेहुल से संपर्क कर इसकी जानकारी दी गई़ संदेह आने पर मेहुल भद्रा ने चालक को फोन कर ट्रक नंबर कैसे बदला इस संबंध में पुछताछ की गई.

इस पर चालक ने बताया कि, मेरे वाहन पर फाईनान्स बकाया है. इस लि खामगांव समीप वाहन की नंबरप्लेट बदल दी़ यह बात ध्यान में आते ही संदेह के चलते मेहुल के कहने पर हिमांशू ने तलेगांव थाने में पहुंच कर शिकायत दर्ज करायी़ उल्लेखनिय यह कि, हादसे के बाद ग्रामीण बडी मात्रा में ड्रायफ्रुट लेकर फरार हो गए थे़ जानकारी मिलते ही पुलिस ने छानबीन कर ड्रायफ्रुट का माल ग्रामीणों से बरामद कर लिया.

जांच में सामने आया कि, अमरावती के नांदगांव पेठ में ट्रक का वजन 23 टन दर्शाया गया था़ फिलहाल पुलिस ने संदेह के चलते चालक जमीर अहेमद जमील अहेमद, क्लिनर मोहम्मद जुबेर फजलाणी मोहम्मद आरिफ फाजलाणी व अन्य एक अज्ञात व्यक्ती को हिरासत में ले लिया है. ट्रक की नंबरप्लेट बदलने का सही कारण क्या है.

इतने भीषण हादसे में किसी को भी कोई चोट नहीं पहुंची. हादसा घटा या नियोजित था, इन सभी बातों की जांच में तलेगांव पुलिस जुटी है. आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक हुसेन शहा, जमादार संदीप महाकालकर, परबत, अमोल मानमोडे, अनिल ढाकणे, अमोल इंगोले, सुभाष डांगे, गुजर आदि कर रहे है.