strike

  • तो ओबीसी का जनगणना में नही होगा सहभाग- मैद

हिंगनघाट. 2021 की जनगणना में ओबीसी की स्वतंत्र जनगणना करें तथा उसके लिए स्वतंत्र कॉलम देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने गुरुवार को प्रदर्शन किया.

संविधान दिन के उपलक्ष्य में इस मांग की ओर ध्यान केन्द्रीय करने राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की ओर से डा़ आंबेडकर चौक में प्रदर्शन किया गया. पश्चात मांगो को लेकर उपविभागीय अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया. जनगणना 2021 में ओबीसी वर्ग का स्वतंत्र कॉलम दें, अगर स्वतंत्र कॉलम नही रहेगा तो ओबीसी का जनगणना में सहभाग नही होगा.

ऐसी प्रतिक्रिया शैलेश मैद ने व्यक्त की. ओबीसी समाज बहुसंख्य होकर भी ओबीसी समाज को प्रतिनिधित्व नही मिला है. इसकी मुख्य वजह ह है कि, ओबीसी का संख्या का आंकडा 1931 की जनगणना के तहत है. जिसके बाद कभी भी ओबीसी समाज की जनगणना नही हुई. जिससे ओबीसी समाज की स्वतंत्र जनगणना करें.

आंदोलन में वर्धा जिला अध्यक्ष शेषराव एरलेकर, तहसील अध्यक्ष शैलेश मैद, विद्यार्थी अध्यक्ष रोहित हरणे, भूषण पिसे, दिनेश काटकर, अभिजीत साबले, कृउबास सभापति एड सुधीर कोठारी, पूर्व राज्यमंत्री अशोक शिंदे, पूर्व नगराध्यक्ष पंढरी कापसे, गुणवंत कारवटकर, अमित चाफले, नकुल भाईमारे, शुभम वाढई, पीयूष ठाकरे, प्रज्वल ठाकरे, प्रियांशू फरकडे व कार्यकर्ता मौजूद थे.