पीएम किसान निधि : लौटाये राशि, प्रशासन का फरमान

– गजानन गावंडे

वर्धा. प्रधानमंत्री किसान सन्मान निधी के अंतर्गत गत दो वर्षों में प्राप्त हुई राशी तुरंत लौटाई जाये, ऐसे आदेश तहसील कार्यालय से अनेक किसानों को प्राप्त होने लगे है. जिससे किसानों में खलबली मच गई है. सरकार के निर्देश उपरांत राशी लौटाने कहां जा रहा है, ऐसा प्रशासन का कहना है. 

किसानों की आर्थिक हालत दिन ब दिन बिगडने के कारण उन्हें आर्थिक सहायता देणे के लिये केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में प्रधानमंत्री किसान सन्मान निधी योजना आरंभ की थी. इस योजना के तहत 2 हेक्टयर अथवा उससे कम खेती होनेवाले किसानों को प्रति माह 500 रूपये की सहायता दी जाती है. चार माह के 2 हजार रूपये किसानों के खातें मे जमा किये जाते है. एक वर्ष में 3 बार ऐसे कुल 6 हजार रूपये किसानों के बैंक खातों जमा किये गये. योजना पर करीब 17100 करोड रूपये केंद्र सरकार खर्च कर रही है. योजना के तहत देश के 9 करोड 9 लाख किसानों को लाभ मिलता है. किंतु अब सरकार ने जिन किसानों के खातों में राशी जमा की गई है, उनका पुरा ब्यौरा निकालना शुरु कर दिया है.

टैक्स धारक लाभान्वित

सरकार की इस योजना का लाभ आर्थिक दृष्टी से संपन्न व्यक्तीयों को भी मिला है. टैक्स भरनेवाले किसान अथवा नोकरीपेक्षा व अन्य व्यवसाय करनेवाले किसानों के खातों में दो वर्ष की राशी जमा होनी की बात सरकार की जांच में सामने आयी. योजना केवल खेती पर निर्भर किसानों के लिये थी. किंतु सरकारी सहायता का लाभ सभी को मिला. बावजूद सरकार ने निर्देश देणे के उपरांत भी आर्थिक रूप से सक्षम किसानों ने राशी नहीं लौटाई. जिससे अब उन किसानों को नोटीस दिये जा रहे है. जिले के अनेक किसानों को नोटीस प्राप्त होने लगे है.

नोकरदार व व्यवसायी भी बने किसान

अनेक नोकरदार व व्यवसायिकों ने टैक्स अथवा अन्य कारणों के चलते खेती खरेदी है. उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल रहा था. जिससे सरकार की तिजोरी पर बोझ बढता गया़ टैक्सधारक होने के बावजूद सरकारी सहायता डकारनेवालों पर अब शिकंजा कसा जा रहा है.

पटवारी के पास जमा करनी होगी राशी

तहसीलदार ने जारी किये नोटीस में कहां है कि, जितनी राशी अबतक प्राप्त हुई है. उसे तुरंत पटवारी के पास जमा कर रसिद प्राप्त करने की सुचना दी है. किंतु नोटीस में केवल आप योजना के लिये प्राप्त नहीं होने की बात कही है. जिससे अनेक किसान अचंबित हुए है. 

सरकार के आदेश से भेजे पत्र

टैक्स बकायादार व्यक्तीयों को प्रधानमंत्री किसान सन्मान योजना के अंतर्गत प्राप्त हुई राशी वसुल करने के आदेश सरकार से मिले है. इसी आदेश के चलते पत्र भेजे जा रहे है. तहसील कार्यालय की और यह पत्र भेजे गये है.

सुनिल कोरडे, निवासी जिलाधिकारी   

टैक्स धारकों को दिया गया पत्र

केंद्र सरकार के निर्देश के उपरांत आष्टी तहसील के 221 व्यक्तीओं को पत्र दिया गया है. जो किसान टैक्स भरनेवाले है अथवा पात्र नहीं है उन्हें पत्र देकर राशी भरने के लिये कहां गया है. – आशिष वानखेडे, तहसीलदार, आष्टी

अलग न्याय क्यों?

खेती में हमारा भी नुकसान होता. कर्ज माफी रहे या फिर सहायता इसमें सरकार क्यों भेदभाव करती है. टैक्स भरकर हम सरकार को सहायता करते है. कर्ज माफी में भी लाभ नहीं मिला. अब पीएम योजना के तहत मिली 6 हजार की राशी लौटानी पडी है. आठ दिन पुर्व नोटीस मिला था. चार एकड खेती है. इस वर्ष संत्रे की फसल का नुकसान हुआ है. – सुभाष दारोकर, किसान आष्टी