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    वर्धा. कोरोना संकटकाल में कुछ निजी अस्पतालों में सरकारी नियमों का उल्लंघन कर जनता की लूट शुरू है़ यह प्रकार तत्काल रोके जाने की मांग की. अन्यथा तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी आम आदमी पार्टी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर की है़ कोरोना संकटकाल में सच्चे योद्धा के रूप में डाक्टर, स्टाफ सभी जगह उत्तम सेवा दे रहे है़ं उनके प्रयासों से हम इस महामारी का मुकाबला कर सके है़ लेकिन कुछ निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना के इस कठिन समय में मरीजों से लूटमार शुरू है़ नाशिक स्थित वोक्हार्ट अस्पताल में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने गरीब परिवार को डेढ़ लाख रुपए वापस दिलवाए.

    वहीं अस्पताल के दबाव में आकर पुलिस ने आप के कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपराध दर्ज किए है़ सरकार जनता को न्याय नहीं दे रही और जो न्याय दिलाने का उनके लिए प्रयास कर रहे है, उन पर अपराध दर्ज किया जा रहा है़ यह गलत है़ उसी प्रकार सरकार ने गरीबों को कोरोना पर इलाज लेना संभव हो इसके लिए दिशानिर्देश जारी किए गए़, लेकिन निजी अस्पतालों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है़ इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी आम आदमी पार्टी के संयोजक प्रमोद भोमले, प्रकाश डोडानी, विजय गव्हाने, मयूर राऊत ने दी है.

    दिशानिर्देशों पर अमल करना जरूरी 

    कोरोना महामारी के दौरान निजी ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे मरीजों को शत प्रतिशत बेड शासन नियंत्रित दर में इलाज के लिए उपलब्ध कराने, महात्मा फुले जन आरोग्य योजना, आयुष्यमान भारत, धर्मादाय अस्पताल योजना के अंतर्गत अपेक्षित नि:शुल्क इलाज का लाभ अस्पतालों देने, सभी अस्पताल राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के दिशानिर्देशों के फलक अस्पताल में लगाए तथा जिसका कड़ाई से पालन करने का आदेश देने, निजी तथा ट्रस्ट के सभी अस्पतालों के प्रथमदर्शनी क्षेत्र में बिलिंग विभाग में दरपत्रक लगाना बंधनकारक करने, निजी तथा ट्रस्ट के सभी अस्पतालों का आकस्मिक आडिट करने का स्थानीय प्रशासन को निर्देश तथा अधिकार देने, राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा सक्षम करने के लिए तत्काल 17 हजार रिक्त पदों की भरती करने, अस्थायी डाक्टर, नर्सेस व स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रलंबित प्रश्न हल करने सहित विविध मांगें की गई है.