श्रीराम मंदिर संपत्ति का मामला: अध्यक्ष व सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप

  • 6 कमिटी सदस्यों ने बुलाई पत्रपरिषद

गिरड. स्थानीय श्री राम मंदिर प्राचीन काल से है़ इस मंदिर की देखरेख के लिए कमिटी भी बनी हुई है़ मंदिर के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है़ नागपुर से लेकर गिरड तक मंदिर को लेकर हर बार कमिटी पर कमिटी सदस्यों ने ही गंभीर आरोप लगाए है़ 22 अक्टूबर को भी 6 सदस्यों ने पत्रपरिषद बुलाकर भ्रष्टाचार के मुद्दे को छेडा़ 

सदस्यों ने आगे बताया कि, गत कुछ दिनों में श्री राम मंदिर के खेत में तालाब का काम करवाना था़ परंतु किसी प्रकार की मिटींग नही ली गई, नाहि किसी सदस्य को विश्वास में लिया गया़ मनमर्जी से काम शुरु कर तालाब की खुदाई की़ किन्तु जो तालाब खुदा गया, वह ना ही तालाब की तरह है और ना ही तालाब से निकला हुआ मुरूम वहां मौजूद है़ कमिटी के 6 सदस्यो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, सारा मुरूम बेच दिया गया़ तालाब की खुदाई के लिए कृषि अधिकारी, तहसीलदार एवं चैरिटी कमिशन की अनुमति लगती है़ इसे कमिटी के ठराव में मंजूर भी करवाना पड़ता है़ ऐसा कुछ ना करवाते हुए मुरुम बेच दिया है.

कमिटी के सदस्य संदीप शिवणकर ने बताया कि, इस काम में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है़ जिस तालाब की खुदाई की गई वह 200 फिट लंबा तथा 20 फिट गहरा तथा 80 फिट चौढा है़ ग्राम पंचायत से भी किसी प्रकार की एनओसी नहीं ली गई़ ग्राम पंचायत के किसी भी ठराव में मंजूरी न लेते हुए इस काम को अंजाम दिया गया है, ऐसा भी श्री राम मंदिर गिरड के सदस्य संदीप शिवणकर, सुधाकर बाकडे, नंदिनी टिपले, पूनम ब्राह्मनवाडे, प्रभाकर दाते, शालिकराम ने दी़ 

इस संबंध में कमिटी के अध्यक्ष बालू गाठे व सचिव बबन दाभने ने बताया कि, हमारे खिलाफ लगाये गए सभी आरोप बेबुनियाद है़ श्री राम मंदिर का जो भी काम हुआ है वह सबकी सहमति से एवं सभी दस्तावेजो के साथ हुआ है़ किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ़ इसका जवाब समय आने पर हम देंगे, ऐसा भी उन्होंने बताया़