गोपनीयता में शुरू हुआ सर्व सेवा संघ का अधिवेशन

  • बरती गई ऐतियात, रखा गया पुलिस बंदोबस्त

वर्धा. सर्व सेवा संघ का 88 वां राष्ट्रीय अधिवेशन शनिवार, 28 नवम्बर को गोपनिय तरीके से प्रारंभ हुआ़ दो दिवसीय इस अधिवेशन में प्रशासन द्वारा केवल 50 प्रतिनिधियों को ही उपस्थित रहने की अनुमति प्रदान की है़ अधिवेशन स्थल पर पुलिस का बंदोबस्त था़ कोई भी अनुचित प्रकार न घटे इस लिए सर्व सेवा संघ ने ऐतियात बरती थी़ 

बता दे कि, सर्व सेवा संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन विवादो में घिरा रहा़ अधिवेशन में बाहरी प्रांत से आनेवाले प्रतिनिधियों की उपस्थिति तथा संख्या को लेकर सवाल उपस्थित किये गए थे़ प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति के विरोध में न्यायालय में याचिका दायर की गई थी़ इसपर जिलाधिकारी को भी न्यायालय से फटकार खानी पडी़ इन सब के बिच अंतत: शनिवार की दोपहर 2.30 बजे इस अधिवेशन को सेवाग्राम में प्रारंभ हुआ़ पहले दिन सभागृह में नियमानुसार 50 ही प्रतिनिधी के बैठने की व्यवस्था की गई थी़ वैष्णो जन ते.. भजन से अधिवेशन को शुरुवात की गई़ सभागृह के भितर सर्व सेवा संघ के प्रतिनिधियों के अलावा अन्य किसी को प्रवेश नहीं दिया गया.

सभी 50 सदस्यों की सूची प्रशासन को दी गई थी़ इनमें से 32 सदस्य ही उपस्थित रहे़ सूची के अनुसार सदस्यों को भितर प्रवेश दिया गया़ 22 सदस्यों की कोरोना जांच की गई़ शेष सदस्यों की जांच 28 नवम्बर को की जाएगी़ प्रशासन की ओर से तहसीलदार संजय नागतिलक, नायब तहसीलदार स्वप्नील दिग्गलवार, हेमा जाधवर, थानेदार कांचन पांडे हर गतिविधी पर नजर बनाये हुए थे़ दो दिन चलनेवाले इस अधिवेशन में 29 नवम्बर को सर्व सेवा संघ के अध्यक्षपद का चयन किया जाना है़ उक्त चयन पारंपारिक तरीके से निर्विरोध होता है, या नहीं इस ओर सभी की नजरें लगी हुई है़ शनिवार को दो चरण में अधिवेशन का काम हुआ़ इसमें महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा व प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए़ दिनभर परिसर में पुलिस का तगडा बंदोबस्त रखा गया था़ 

उक्त अधिवेशन अवैध – विद्रोही

सेवाग्राम में आयोजित सर्व सेवा संघ का अधिवेशन आंख में धुल झोकने का काम है़ यह अधिवेशन पुर्णत: अवैध है़ सभागृह में उपस्थित रहनेवालों में अनेक लोकसेवक नहीं है़ – महावेद विद्रोही, पूर्व अध्यक्ष, सर्व सेवा संघ