अधुरा ज्ञान बना काल, सर्पदंश से 2 मीत्रो की मृत्यु

  • शोक में डूबे दो परिवार

वर्धा. हमें कोई भी जोखीमभरा काम करना हो, तो इस संदर्भ में संपुर्ण ज्ञान व अभ्यास जरुरी है़ बिना किसी अभ्यास, पहचान व ज्ञान के काम करने पर काफी नुकसान उठाना पड सकता है़ इतना ही नहीं तो जान पर भी बन आती है़ ऐसा ही एक दर्दनाक वाकिया वर्धा में सामने आया़ अधुरे ज्ञान व लापरवाही से दो मित्रों ने अपनी जान गवाई़ मृतको में गोंडप्लाट निवासी सागर महाजन (37) व लक्ष्मीनगर निवासी राहुल समर्थ (29) का समावेश है़ सर्पदंश से युवकों की मृत्यु होने से दोनो परिवारों पर दु:खो का पहाड टूट पडा है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सागर महाजन नामक युवक को सांप पकडने की आदत थी़ किसी परिसर में सांप निकलने पर वह बिना किसी बात की परवाह किए आसानी से सांप पकडता था़ परंतु सागर को कोणसा सांप विषैला हैं अथवा नहीं है, इसकी पुर्ण पहचान अथवा इस संदर्भ में संपुर्ण ज्ञान नहीं था़ शनिवार की रात्रि सागर अपने मित्रों के साथ गणेशपुर की ओर गया था़ यहां से वापिस लौटते समय रात्रि 8.30 बजे गणेशपुर से पिपरी के बिच ईटभट्टी समीप उसे कुछ हरकत दिखाई दी़ सागर ने अपनी दुपहियां रोक ली़ सांप होने की बात पता चलते ही सागर ने उसने पकडने की कोशीश की़ इस दौरान सांप ने सागर को तीन बार कांटा़ किन्तु सागर ने पुरी कोशीश कर सांप को पकड लिया़ पश्चात वहां से निकलते समय उसकी मुलाकात राहुल समर्थ से हुई़ चर्चा के दौरान लापरवाही बरतने से सांप ने दो बार राहुल को भी काट लिया़ परंतु सागर ने यह बिन विषैला सांप हैं, ऐसा कहकर राहुल को आश्वस्त किया़ कुछ समय बाद दोनो अपने घर लौट गए़ 

होने लगा विष का असर

घर पहुंचते ही राहुल का सिर चकराकर उसे उलटिया होने लगी़ यह देख परिजनो ने उसे तुरंत सरकारी अस्पताल लाया़ जहां सांप के काटने की बात स्पष्ट होते ही उसे तुरंत सेवाग्राम रेफर कर किया गया, परंतु रास्ते में ही राहुल ने दम तोड दिया़ दूसरी ओर सागर पकडे हुए सांप को एक डिब्बे में डालकर घर ले गया था़ घर में भी उसे सांप ने काटने की जानकारी है़ देर रात्रि सागर पर भी विष का असर होने से वह उलटिया करने लगा़ उसे भी तत्काल सेवाग्राम अस्पताल में उपचारार्थ दाखील करवाया़ परंतु रविवार की तडके सागर महाजन ने भी ईलाज के दौरान दम तोड दिया़ जांचपडताल के बाद उक्त सांप मण्यार प्रजाति का व विषैला होने की बात स्पष्ट हुई़ 

मण्यार अत्यंत विषैला सांप

मण्यार यह मध्यभारत का सर्वाधिक विषैला सांप बताया जाता है़ चार प्रमुख सांपों में इसकी गिनती होती है़ दिखने में भलेही शांत स्वभाव का होता है़ इसका हमें डर भी नहीं लगता़ परंतु इसके काटने पर विष का असर अन्य सांपों की तूलना में चार से पांच गुना अधिक होता है़ यह सांप नाग से भी अधिक विषैला होने की जानकारी है़

दस वर्ष से पकड रहा था सांप – रत्ना महाजन

सागर महाजन सर्पमित्र के तौर पर पिछले दस वर्ष से यह काम कर रहे थे़ उन्हें सांपो की पहचान थी़ परंतु अंधेरा होने के कारण वें सांप की पहचान नहीं कर पाये, इसी में यह हादसा घटा़ परिवार की जिम्मेदारी उनपर थी़ सरकार द्वारा परिवार को सहायता मिले़ ऐसी मांग मृतक की पत्नी रत्ना महाजन व भाई रोहण महाजन ने की है़ 

सर्प मित्र गजेंद्र सरकार की प्रतिक्रिया