समथिंग वेंट रॉंग में उलझे छात्र, दूसरे दिन भी तकनीकी समस्या

  • ऑनलाईन की मुसीबत, छात्रों ने निकाला प्राध्यापकों पर रोष

वर्धा. नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा गुरूवार से आरंभ की गई ऑनलाईन परीक्षा का दूसरा दिन भी छात्रों के लिये मुसिबत साबित हुआ. एैप में आ रही तकनीकी खराबी के कारण अनेक छात्र परीक्षा से वंचित रहे, तो अनेक छात्रों को भारी परेशानी सहनी पडी. परिणामस्वरूप छात्रों ने अपना गुस्सा कॉलेजों पर निकाला. उनके गुस्से से प्राध्यापक तक नही बच सके.

कोरोना के कारण ग्रीष्मकालिन 2020 की परीक्षाएं गुरूवार से आरंभ की गई. किंतु पहले दिन ही ऑनलाईन परीक्षा में कई तकनीक समस्या निर्माण हुई. जिससे अनेक छात्रों को समयावधि कम मिलने से उनका नुकसान हुआ था. तो कुछ छात्र परीक्षा नही दे सके थे. शुक्रवार को बीएससी अंतिम वर्ष का बायोटेक्नालॉजी पेपर 1 का पर्चा था. छात्रों को दोपहर 1 बजे का समय दिया गया था. जिससे छात्र समय के पूर्व ही तैयारी कर राह देखे रहे थे. एैप पर छात्रों को ऑनलाईन पर्चा हल करना था. जिसके लिये उन्हे युजरआयडी व पासवर्ड दिया गया. परंतु गुरूवार की तरह ही शुक्रवार को भी छात्रों को तकनीकी समस्या का सामना करना पडा. इस संदर्भ बीएससी अंतिम वर्ष छात्र कुणाली गोंदाणे, मयुर मेघरे, रूबिना शेख, आचल वनकर, किमया वैतागे, मृणाली चिखलकर, स्वाती चलपेकर, शिवानी वाकेकर ने बताया की युजर आयडी व पासवर्ड डालने के बाद उनके मोबाईल पर समथिंग वेंट रॉंग का मैसेज आया. बार-बार कोशिश करने के उपरांत भी यह मैसेज आने के कारण छात्र परेशान हुए. कुछ छात्रों ने एैप अनइनस्टॉल कर पुन: डाऊनलोड कर  आयडी व पासवर्ड डालने के बाद भी वे लॉगईन नही हो सके. किंतु तब तक काफी समय निकला. परीक्षा के लिए 1 घंटे का समयावधि दिया गया. लॉगईन नही होने के कारण छात्रों को केवल 15 से 20 मिनीट में पर्चा हल करना पडा. जिससे अनेक छात्र पुरे सवालों के जबाब नही दे सके. कुणाली गोंदाणे नामक छात्रा ने बताया की, वह 1 बजे ऑनलाईन हुई. करीब 1.57 बजे तक ऑनलाईन रही किंतु समथिंग वेंट रॉंग के मैसेज के कारण परीक्षा ही दे नही सकी. गुरूवार को भी वह अपना पर्चा नही दे सकी थी. निरंतर दो पेपर तकनीकी खराबी चलते छात्रा दे नही सकी. जिससे उसे मानसिक झटका लगा है. वही चिन्मय धोंगडी ने बताया की वह भी निर्धारित समय पर लॉगईन हुआ. किंतु उसके मोबाईल पर समथिंग वेंट रॉंग का मैसेज बार-बार आने के कारण वह भी अपना पर्चा नही दे सका.

नुकसान के लिये जिम्मेदार कौन?

छात्रों ने बताया की, यह ऑनलाईन परीक्षा उनके लिये अग्निपरीक्षा से कम नही है. नियोजन के अभाव व एैप की खराबी के कारण हमारा नुकसान हो रहा है. हमारे नुकसान के लिये जिम्मेदार कौण? ऐसा प्रश्न छात्र उपस्थित कर रहे है. कॉलेज की और से भी कोई जबाब नही दिया जा रहा है. विश्वविद्यालय के हेल्पलाईन पर किसी ने फोन रिसीव नही किया. जिससे हम विवि की ओर शिकायत नही कर सके.           

पीड़ित छात्रों की होगी परीक्षा

नागपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा व पुनर्मूल्यांकन विभाग के संचालक डॉ. साबले ने आज पत्र निकालकर जो छात्र ऑनलाइन समस्या के कारण पेपर नही दे सके उनकी परीक्षा रविवार अथवा अन्य दिन ली जाएगी,ऐसी सूचना कॉलेजों को दी है.किन्तु परिक्षा कोनसे तारीख को होगी यह स्पष्ट नही करने से संभ्रम की स्थिति निर्माण हुई है.