दोहरे संकट से जुझ रहा वर्धा जिला

  • किसान आत्महत्या से कोरोनाबली की संख्या दुगनी
  • 82 किसान आत्महत्या, 174 कोरोनामृत्यु

वर्धा. जिले में कोरोना संक्रमण के दौरान करीब 82 किसानो ने आत्महत्या की. जिसकी तूलना में इसी काल में 174 कोरोनाग्रस्तों की मौत हुई है. किसान आत्महत्या की तूलना में यह आंकडा दुगना है. इन दोनों संकटो से जिला प्रशासन की चिंता बढ गई है. आर्थिक समस्या से जुझ रहे किसानो को राहत देने तथा कोरोनाग्रस्तों की मृत्यु पर अंकुश लगाने का दोहरा संकट प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है.

बता दे कि, जिला प्रशासन ने लॉकडाऊन के बाद करीब 50 दिनों तक कोरोना को रोके रखा. परंतु पहला कोरोनाग्रस्त मरिज व मृत्यु एकसाथ दर्ज होने से जिले में हडकम्प मच गया. अब जिले में कोरोनाग्रस्तों की संख्या साडेपांच हजार से अधिक हो गई. वहीं कोरोना पर मात देनेवालों की संख्या भी चार हजार के करीब है. परंतु वर्तमान स्थिति में कोरोना से मृत्यु का आंकडा बढने के कारण जिला प्रशासन सकते में आ गया है. अब तक जिले में करीब 174 की कोरोना से मृत्यु हुई है.

जिले में कोरोना मृत्यु का अनुपात 2.25 फिसदी तक बढ गया है. इसपर रोक लगाने प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है. ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान पर जोर दिया जा रहा. कोरोना से निपटने के साथ साथ प्रशासन को किसानो की स्थिति पर ध्यान देने की काफी जरुरत है. मार्च से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जिले में करीब 82 किसानों ने आत्महत्या की है. लॉकडाऊन के कारण खेतीबाडी के सभी काम ठप पडे थे. माल की खरिदी समय रहते नहीं हो पायी. इससे किसान आर्थिक संकट में घिर गया.

खरीफ मौसम पर किसानों की नजरें टिकी थी. परंतु अत्याधिक बारिश, बिमारी, इल्ली, बोगस बीज आदि समस्या से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया. जिले में सोयाबीन, कपास, फल-सब्जी फसलों का भारी नुकसान हुआ. इसका मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिला है.

प्राकृतिक आपदा किसानों का पिछा नहीं छोड रही. परिणामवश कर्ज के बोझ तले दबे अनेक किसानो ने आत्महत्या जैसा कडा कदम उठाया है. कोरोना से मृत्यु व किसान आत्महत्या इन दो गंभीर संकटों का सामना जिला कर रहा है. किसानों को राहत देने जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाने जरुरी है.

उसी तरह कोरोना से बचने के लिए प्रशासन व नागरिको में समन्वय महत्वपूर्ण है. नागरिक सरकार के नियमों का पालन करें, खुद के व परिवार के स्वास्थ्य की चिंता करें, ऐसा आवाजन जिला प्रशासन ने किया है.

एक भी मृत्यु न हो, यह हमारे प्रयास

वर्तमान स्थिति में कोरोनाग्रस्तों की संख्या जिले में बढी है. कुछ दिनो से मृत्यु के भी आंकडे बढे है़ परंतु हर एक मृत्यु हमारे लिए चिंता का विषय है. इसपर नियंत्रण पाने के लिए सरकार के ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान को चलाया जा रहा़ कोरोना से एक भी मृत्यु नहीं होनी चाहिए, यह हमारे प्रयास है. स्वास्थ्य यंत्रणा हरसंभव प्रयास कर रही है.

दूसरी ओर अतिवृष्टी से खरीफ की फसलों का काफी नुकसान हुआ है. ऐसे क्षेत्र का सर्वे कर इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है. जिन किसानों ने फसल बिमा उतारा है, उन्हें शीघ्र मदद देने के प्रयास है. उनकी तकनीकि समस्या दूर कर राहत देने का काम प्रशासन कर रहा है. – विवेक भीमनवार, जिलाधिकारी-वर्धा.

 

माह     आत्महत्या  कोरोनामृत्यु

मार्च       09          00

अप्रैल      06         00

मई        14          01

जुन        12         00

जुलाई     21          03

अगस्त    10          19

सितम्बर   08        100

अक्टूबर   02         51

कुल :      82           174