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  • मंडप डेकोरेशन युनियन ने बैनर से खिंचा प्रशासन का ध्यान, रोजगार छिनने से भूखमरी की नौबत

हिंगनघाट. कोरोना की पार्श्वभूमि पर गत सात माह में विवाह, मुंज, स्वागत समारोह व अन्य समारोह पर पाबंदी है. फलस्वरुप मंडल डेकोरेशन, साऊंड, कैटरिंग, बिछायत व्यवसायियों पर भूखे रहने की नौबत आयी है. ना तो प्रशासन का ओर ना ही शासन का ध्यान होने से ‘जिये तो जिये कैसे’? ऐसा बैनर लेकर व्यवसायियों ने प्रशासन का ध्यान खिंचा. साथ ही नवरात्रि उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाने लॉऊड स्पिकर बजाने तथा विवाह के लिए 500 लोगों की उपस्थिति की अनुमति दें, ऐसी मांग उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपकर की गई.

मार्च माह से लॉकडाऊन शुरु हुआ है. सात माह होकर भी लॉकडाऊन खत्म ही नही हो रहा. एक व्यवसायिक के साथ अनेक मजदूर, कारिगर, तंत्रज्ञ काम करते है. उन सभी का उदरनिर्वाह इसी माध्यम से चलता है. परंतु कोरोना के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड रहा है. मंडल डेकोरेशन का व्यवसाय पूरी तरह से ठप है. जिस कारण भूखे रहने की नौबत आयी है.

ऐसे में आगामी नवरात्रि उत्सव में मंडल डेकोरेशन व्यवसायियों को काम करने की अनुमति दें, मंडप डेकोरेशन, साऊंड, लायटिंग लगाने तथा नवम्बर में होनेवाले विवाह समारोह में 500 लोगों को उपस्थिति की मंजूरी देने की मांग की गई. ज्ञापन सौंपते वक्त समुद्रपुर तहसील मंडल डेकोरेशन, साऊंड, कैटरिंग, बिछायत संगठन के अध्यक्ष जगदीश पिसे, उपाध्यक्ष राजू बैसवारे, सचिव अशोक तपासे, सहसचिव बाबाराव फुलकर, कोषाध्यक्ष दिलीप गंधारे, सदस्य प्रवीण खटी, सचिन बंगलवार, मयुर तपासे, बाबा उमाटे, निखिल मुळे, भिकमचंदजी तावरी, गजानन विटाले, सुधीर दिवे ने की है.