water supply

    वर्धा. शहर व आसपड़ोस के 13 गांवों को धाम प्रकल्प से जलापूर्ति की जाती है़ परंतु विगत कुछ दिनों से पिपरी (मेघे) व 10 गांवों में प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के अंतर्गत जलापूर्ति प्रभावित हो गई है़ मुख्य पाइप लाइन की शिफ्टिंग के काम में कोताही बरतने तथा अन्य तकनीकि समस्या के चलते यह संकट पैदा होने की जानकारी है़ गर्मी के दिनों में ही जलापूर्ति की समस्या पैदा होने से ग्रामीणों में असंतोष है़ वर्धा के आसपड़ोस में पिपरी (मेघे), सावंगी (मेघे), उमरी (मेघे), नालवाडी, वरुड़, साटोडा, सिंदी (मेघे), बोरगांव (मेघे), वायगांव आदि ग्रापं क्षेत्र में प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के तहत जलापूर्ति की जाती है.

    परंतु उक्त योजना की मुख्य जलापूर्ति की पाइप लाइन समृध्दि महामार्ग के निचे आने से उक्त पाइप लाइन शिफ्टिंग का काम हाथ में लिया गया है़ उक्त काम 30 व 31 मार्च तक चलेगा़ इसलिए जनता पर्याप्त मात्रा में पेयजल का संग्रहणन करने का आह्वान महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की ओर से किया गया है़ परंतु इसके कुछ दिनों पहले से ही क्षेत्र की जलापूर्ति सेवा प्रभावित है़ इस संबंध में किसी प्रकार की पूर्वसूचना नहीं दी गई़ अब पाइप लाइन शिफ्टिंग के काम में तकनीकि समस्या पैदा होने से काम कछुआ गति से चल रहा है.

    कछुआ गति से चल रहा सुधार कार्य

    मजीप्रा ने संबंधित ग्रापं प्रशासन को पत्र भी जारी कर दिए है़  साथ ही काम करनेवाली मे़ एफकान इंफ्रा लिमिटेड कैम्प, वर्धा तथा मे़  शोभा कन्स्ट्रक्शन, नांदेड को भी उचित दिशानिर्देश दिये गए है़  अशुध्द जलापूर्ति न हो इसलिए पाइप लाइन लगा एयर वाल्व बदलने को कहा गया है़  समय पर यह काम नहीं हुआ, तो इन दस गांवों में तीव्र कृत्रिम जलसंकट पैदा होने के आसार है़ मजीप्रा के वरिष्ठ अधिकारियों से इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर समय रहते काम पूर्ण कराने की मांग सभी ग्रापं के सरपंच व सदस्यों ने की है.