युवा किसान ने लगाई फांसी

  • पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को करनी पड़ी मिन्नतें

हिंगनघाट. तहसील के मांगली निवासी युवा किसान ने   खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. समुद्रपुर ग्रामीण अस्पताल में शव रखने की सुविधा नहीं रहने से हिंगनघाट के उपजिला अस्पताल में शव लाया गया. लेकिन वहां  पोस्टमार्टम करने से इंकार किया गया. आखिरकार काफी मिन्नतों के बाद  पोस्टमार्टम किया गया. अस्पताल कर्मियों के इस बर्ताव से परिजनों में रोष व्याप्त है.

सूत्रों के अनुसार नीलेश भाऊराव जुगनाके (24) के घर पिता के नाम पर 16 एकड़ खेती है. पूरा परिवार खेती करता है.   सुबह के समय नीलेश बैल लेकर खेत गया था. परंतु हमेशा की तरह वह दोपहर में खाना खाने घर नहीं लौटा.  पिता उसे खोजने के लिए निकला. इस दौरान शाम के समय नीलेश का शव फांसी पर लटका हुआ दिखाई दिया. घटना की जानकारी समुद्रपुर पुलिस को दी गई.   पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया. शव पोस्टमार्टम के लिए रात 9 बजे ग्रामीण अस्पताल लाया गया. परंतु वैद्यकीय अधिकारियों ने रात में शव रखने की सुविधा नहीं होने की जानकारी दी. इसके बाद रात 12 बजे शव हिंगनघाट स्थित उपजिला अस्पताल में ले जाया गया.

बुधवार सुबह उपजिला अस्पताल में  पोस्टमार्टम करने से इंकार किया जिससे परिजनों के समक्ष प्रश्न निर्माण हुआ. आखिरकार काफी मिन्नतों के बाद उपजिला अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम  को लेकर परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. मृतक किसान नीलेश के पिता व भाई दूसरों के खेत में मजदूरी करते हैं. उनके पास 16 एकड़ जमीन है, परंतु 5-6 एकड़ जमीन ही बुआई योग्य है. नीलेश   अकेला घर की खेती करता था. उसने इस वर्ष कपास, तुअर व सोयाबीन की बुआई की थी. परंतु सोयाबीन व कपास की दुबारा बुआई करने के बाद भी अच्छी फसल की कोई गारंटी नहीं रहने से वह चिंतित था. इसी चिंता में आत्महत्या करने की बात कहीं जा रही है. आगे की जांच पुलिस कर रही है.