Representational Pic
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    • छह स्थानों पर रोका रास्ता, यातायात प्रभावित 
    • हजारों कार्यकर्ता स्थानबद्ध

    वाशिम. राज्य में सत्ताधारी महाविकास आघाड़ी सरकार के कारण स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं का ओबीसी आरक्षण खत्म होकर ओबीसी समाज पर बड़ा अन्याय हुआ है़  इस अन्याय के विरोध व ओबीसी समाज को आरक्षण वापस लौटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एल्गार पुकारा है. भाजपा ने शनिवार 26 जून को जिले भर में जिलाध्यक्ष विधायक राजेंद्र पाटणी के नेतृत्व में चक्काजाम आंदोलन किया. जिले में सभी 6 तहसीलों में कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोको आंदोलन किया़.

    शहर के पुसद नाका परिसर में विधायक लखन मलिक, राजु पाटिल राजे, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम राजगुरू, जिला महामंत्री नागेश घोपे, ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष संतोष मुरकुटे, तहसील अध्यक्ष प्रल्हाद गोरे व शहराध्यक्ष राहुल तुपसांडे के नेतृत्व में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने करीब दो घंटे तक रास्ता रोको आंदोलन किया़  इस अवसर पर आघाड़ी सरकार विरोध में घोषणाबाजी की गई. 

    महाविकास आघाड़ी सरकार की निष्क्रियता से स्थानीय स्वराज्य संस्था का ओबीसी का आरक्षण खत्म हुआ़  राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की सरकार ने ओबीसी आंदोलन कायम रहने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी़  लेकिन इसके बाद सत्ता में आए महाविकास आघाड़ी सरकार ने यह प्रक्रिया ठप्प गिरायी़  न्यायालय में अपनी बाजू प्रभावी ढंग से नही रखने का आरोप कर ओबीसी समाज की संख्या निर्धारित करने के लिए पिछड़ावर्गीय आयोग गठित नही किया़  राज्य सरकार ने ओबीसी समाज पर किए इस अन्याय के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने एल्गार पुकारा है.

    जिले में सभी तहसीलस्तर पर चक्काजाम आंदोलन किया गया. आंदोलन में अंबादास कालापाड, रामप्रसाद सरनाईक, अनिल ताजणे, शरद चव्हाण, नागोराव वाघ, भिमसेठ जिवनानी, धनाजी सारस्कर, गणेश खंडालकर, सुनील तापडिया, सुनील चौधरी, डिगांबर खोरणे, जि.प. सदस्या अर्चना खोरणे, अंजलि पाठक, भावना सरनाईक, करूणा कल्ले, नितेश मलिक, कैलाश मुगनकर, गिरीष शर्मा, सचिन शर्मा, पंकज इंगोले, राम ठेंगडे, राम देव, मदन राठी, संतोष उगले, गजानन खटके, श्याम लोलुरे, विनोद मेरकर, विशाल परलकर, राहुल शिंदे, विलास ढगे, मोहन गोरे, शिवशंकर भोयर, बाबाराव महल्ले, राम भिसे, पुरुषोत्तम राजगुरू, शुभम अढाव, गणेश गांजरे, सूरज चौधरी, गौरव गंगावणे, नीलेश जयस्वाल, विराज पाटिल, परम मुसले, रमेश कल्याणकर, अमोल कोल्हे, महादेव लांभाडे, सुभाष सुरोसे आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे़  इस अवसर पर पुलिस ने आंदोलनकर्ताओं को स्थान बध्द किया. 

    इस अवसर पर विधायक लखन मलिक ने बताया कि राज्य सरकार ने ओबीसी का राजनीतिक आरक्षण गवा दिया. न्यायालय में ओबीसीं की बाजू रखने के लिए महाविकास आघाड़ी सरकार कम पड़ी. जिससे इस सरकार की यह एक राजनीतिक चाल है़  भारतीय जनता पक्ष ओबीसी के लिए अब सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी़.