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  • पहले दिन 100 क्विंटल कपास की खरीदी

वाशिम. जिले में केंद्रीय कपास महामंडल (सीसीआई) के सरकारी कपास की खरीदी के लिए शुरुआत हो गई है. 19 नवंबर को मंगरुलपीर के केंद्र पर सीसीआई की ओर से कपास खरीदी प्रारंभ की गई है़  बाजार में मिलनेवाले कम दाम और बोंड इल्लियों के कारण हुए नुकसान को सहते हुए कपास उत्पादक किसानों को इस सरकारी खरीदी से बड़ी राहत मिली है़  इस वर्ष खरीफ मौसम में जिले में करीब 25,000 हेक्टेयर पर कपास की बुआई हुई है. 

परिपक्व अवस्था में रहनेवाली यह फसल वापसी की बारिश के कारण प्रभावित हुई है, तो निकलने की अवस्था में रहनेवाली इस फसल को बोंड इल्लियों ने घेरने से उत्पादन में कमी आ गई है. दूसरी ओर सरकार ने लंबे धागों की कपास को 5,825 रुपए प्रति क्विंटल, मध्यम धागों की कपास को 5,525 रुपए प्रति क्विंटल दाम घोषित किए है. ऐसे में बाजार में व्यापारियों से 5,000 रुपए प्रति क्विंटल तक खरीदी की जा रही थी़  इसलिए किसान सरकारी कपास खरीदी की प्रतीक्षा कर रहा था.

जिले में प्रशासन ने मात्र 3 कपास खरीदी केंद्र शुरू करने का बताया था़ अब जिले में सरकारी कपास खरीदी के लिए मंगरुलपीर से सीसीआई व्दारा शुरुआत हो गई है़  अभी तक कारंजा व अनसिंग इन केंद्रों पर कपास की खरीदी शुरू नही हुई है. मंगरुलपीर में जिला परिषद अध्यक्ष तथा मंगरुलपीर बाजार समिति के सभापति चंद्रकांत ठाकरे, बाजार समिति सचिव रामकृष्ण पाटिल, बबन मिसाल, संजय जाधव, सीसीआई के प्रतिनिधि उमेश तायडे, जिनिंग प्रेसींग के जुगलकिशोर बियाणी आदि की प्रमुख उपस्थिति में खरीदी की शुरुआत की गई़  पहले दिन 100 क्विंटल कपास की खरीदी होने की जानकारी मिली है़ 

1,778 किसानों ने किया पंजीयन 

जिले में सीसीआई की ओर से हो रही कपास खरीदी प्रक्रिया के लिए संबंधित बाजार समितियों में किसानों का पंजीयन शुरू है. इसके अंतर्गत 19 नवंबर तक 1,778 किसानों ने 1,27,000 कपास के लिए पंजीयन किया है़  इसमें अनसिंग 737 क्विंटल, कारंजा 550 क्विंटल व मंगरुलपीर में 491 किसानों ने पंजीयन किया है.