शकुंतला को ब्रिटिश क्रिस्टल कंपनी के अनुबंध से मुक्त कर ब्रॉडगेज में परिवर्तन करें

    • सांसद गवली ने ली केंद्रीय रेलमंत्री की भेंट 

    वाशिम. वर्ष 1947 के पूर्व भारत में अंग्रेजों का शासन था़  उस समय अंग्रेज सत्ताधारियों ने अपने फायदे के लिए कुछ सहुलियत, सुविधा उपलब्ध की. सुविधा केवल अंग्रेजों के फायदे के लिए ही थी लेकिन धीरे धीरे अंग्रेजों को देश भर से विरोध होता गया व आखिर 1947 के बाद अंग्रेजों का शासन समाप्त हो गया. लेकिन आज भी भारत में अनेक संस्था इंग्लैंड के क्रिस्टल सरकार की है़.

    इन में से विदर्भ की वर्हाड करके पहचाने जानेवाले अमरावती में कपास अधिक बिकता था़  तो उधर उसे ले जाने की दृष्टि से छोटी रेल लाइन निर्माण करके उस पर शंकुतला रेल विराजमान की गई़  कल तक शकुंतला यवतमाल, मुर्तिजापुर जि. अकोला, अमरावती, वाशिम इन चार जिलों से दौड़ती थी़  लेकिन उसकी रेल लाइन (दौड़पट्टी) कमजोर होने से उसमें इंग्लैंड सरकार की शंकुतला ट्रेन में हिस्सेदारी रहने से शंकुतला का विकास नही हो सका़.

    देश को स्वतंत्रता प्राप्ती को 70 वर्ष पूर्ण हुए तो भी ब्रिटिश के अनुबंध स्वरुप की हिस्सेदारी अभी भी मुक्त नही हुई़  उसे मुक्त करके उसका परिवर्तन ब्रॉडगेज विकास प्रवाह में लाने के लिए केंद्र सरकार ने तत्काल प्रयास करके यह रेल मार्ग नए से शुरू करने के लिए इस विभाग की सांसद भावना गवली ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को एक निवेदन दिया है. गोयल यह महाराष्ट्र के रहने से वे इस ओर ध्यान देने की अपेक्षा व्यक्त की है. इस ब्रॉडगेज परिवर्तन के बाद नागरिकों को उद्योगों के लिए मार्ग खुला होगा.