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वाशिम. जिले के शहरी व ग्रामीण भागों के सभी अस्पतालों की जांच करने के लिए मुहिम चलाए़  उसके आधार पर अस्पतालों की अग्निशमन यंत्रणा और अन्य आवश्यक बातों की उपलब्धता इस के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सूचना जिलाधिकारी षण्मुगराजन एस. ने बैठक में सभी मुख्याधिकारी व स्वास्थ्य विभाग को दी है़  इस अवसर पर निवासी उप जिलाधिकारी शैलेश हिंगे, जिला शल्य चिकित्सक डा़ मधुकर राठोड, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा़ अविनाश आहेर, नगर रचना के सहायक संचालक पी. के. दांदले, डा़ अनिल कावरखे समेत नगर परिषद, नगर पंचायत के मुख्याधिकारी, अग्निशमन अधिकारी आदि उपस्थित थे.

जिलाधिकारी षण्मुगराजन एस. ने कहा कि जिले के अस्पतालों में किसी भी प्रकार की अनुचित घटना न हो इसलिए सावधानी लेना आवश्यक है़  अस्पतालों के भवन में बिल्डींग कोड के अनुसार अग्निशमन यंत्रणा, इमरजेंसी एग्जिट जैसे आवश्यक है़  नगर परिषद ने कालबद्ध मुहिम चलाकर जिले के अस्पताल भवन की जांच करे़.

स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले के अस्पतालों की जांच करके बॉम्बे नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत पंजीकरण के लिए प्रस्तुत किए दस्तावेज समेत उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की जांच करना चाहिए़  नगर परिषद व स्वास्थ्य विभाग ने इसके आगे प्रत्येक वर्ष 6-6 महीने से इस प्रकार से अस्पतालों की नियमित जांच करने की सूचना जिलाधिकारी ने दिए.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के अग्निशमन सिस्टम अच्छी स्थिति में रहने की निश्चित करे़  कर्मचारियों को इस के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण देना चाहिए. वर्ष में कम से कम एक बार सभी सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल में अग्निशमन यंत्रणा के उपयोग के संबंध में मॉक ड्रील लेने का जिलाधिकारी षण्मुगराजन एस. ने बताया है. सभी सरकारी अस्पतालों का फायर ऑडिट व इलेक्ट्रिक ऑडिट शीघ्र ही पूर्ण करने की सूचना भी उन्होंने दी.

ग्रामीण भागों में फर्जी डाक्टरों की तलाश करने की मुहिम चलाए. ग्रामीण भागों में चिकित्सा सेवा देनेवाले डाक्टरों ने भी पंजीयन करना आवश्यक है़  इस तरह से पंजीकरण न करते हुए अस्पताल चलानेवाले फर्जी डाक्टरों की तलाश करने के लिए तहसीलस्तर पर गट विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति कार्यरत है़  इस समिति द्वारा ग्रामीण भागों में फर्जी डाक्टर तलाशने में मुहिम चलाने की सूचना भी जिलाधिकारी षण्मुगराजन एस. ने दी है़