एचआईवी संक्रमित 14 महिलाओं के बालक निगेटिव – 4 साल में 83,000 महिलाओं की हुई जांच

वाशिम. जिले में पिछले 4 वर्षों में एड्स नियंत्रण कक्ष ने 1,09,311 महिला व पुरुषों की जांच की है. जिसमें से 83,047 महिलाओं की जांच की गई है. इस में 15 गर्भवती महिलाएं संक्रमित पाई गई. जिसमें से 14 महिलाओं ने एचआईवी निगेटिव बालकों को जन्म दिया़  तथा एक माता ने जन्म दिए बालक एचआईवी संक्रमित रहने का पाया गया़  एड्स निर्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में एड्स नियंत्रण कक्ष व्दारा जिले के सभी 6 तहसीलों में महिला व पुरुषों की जांच की जाती है़ .

इस के तहत वर्ष 2017-18 से 20-21 इस 4 वर्ष की अवधि में 60,986 पुरुषों की जांच की गई है. जिसमें 292 पुरुष एचआईवी संक्रमित पाए गए़  इसके अलावा 48,325 महिलाओं की जांच की गई़  जिसमें 221 महिला एचआईवी संक्रमित पाई गई़  इसके साथ ही एड्स नियंत्रण कक्ष व्दारा इन 4 साल में 83,047 महिलाओं की जांच की गई़  जिसमें 15 महिला एचआईवी संक्रमित पाई गई. इन महिलाओं पर एड्स नियंत्रण कक्ष में उपचार किए जाने से इन में से 14 महिलाओं ने एसआईवी निगेटिव बालकों को जन्म दिया है. 

तहसील स्तरीय संक्रमित मरीज संख्या 

वर्ष 2020-21 में तहसील स्तरीय संक्रमित मरीजों में वाशिम तहसील में 7,308 की जांच की गई है, जिसमें 32 लोग संक्रमित पाए गए है़  इसी तरह से रिसोड 3,002 की जांच में 3 संक्रमित पाए गए. मंगरुलपीर 2,024 की जांच में 1 संक्रमित पाया गया़  मानोरा 2,166 की जांच में 8 संक्रमित पाए गए़  कारंजा लाड 2,751 की जांच में 6 संक्रमित पाए गए तथा मालेगांव तहसील में 920 की जांच की गई है, जिसमें एक भी मरीज संक्रमित नही पाया गया है.

इस के संबंध में एड्स नियंत्रण कक्ष के जिला समन्वयक के अनुसार जिला एड्स नियंत्रण कक्ष के मार्गदर्शन में पथक ने व्यापक जागरुकता करके गर्भवती महिला की जांच की है. संक्रमित रहनेवाली 15 गर्भवती महिलाओं पर नियमित उपचार किए गए है. जिससे 15 महिलाओं में से 14 महिलाओ ने जन्म दिए बालक एचआईवी निगेटिव पाए गए व उनका स्वास्थ्य भी अच्छा है़.

इसी तरह से एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं ने नियमित रुप से निर्धारित तारीख पर जिला अथवा तहसील एड्स नियंत्रण कक्ष से संपर्क बनाकर आवश्यक औषधि लेना चाहिए़ औषधि लेकर नियमित एड्स नियंत्रण कक्ष से जांच करना चाहिए़  जिससे उनका स्वास्थ्य अच्छा रखना संभव हो सकेगा़.