(Photo by PUNIT PARANJPE / AFP)
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    वाशिम. बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्गों तक सभी को हर साल गणेशोत्सव की प्रतीक्षा रहती है़ कोरोना महामारी के संकट का साया पिछले वर्ष दिखने को मिला था़  और अब इस वर्ष कोरोना का संक्रमण जिले में कम हो गया है़  लेकिन प्रशासन की मार्गदर्शक सूचना नुसार गणेश उत्सव इस बार भी सादगी से मनाया जानेवाला है़.

    पिछले वर्ष गणेशोत्सव की गाइड लाइन देरी से मिलने से मूर्तिकारों का बड़ा नुकसान हुआ था़  लेकिन इस बार प्रशासन से मार्गदर्शक सुचनाएं अभी प्राप्त होकर गणेश मूर्तियों की मर्यादा घोषित की गई है़  जिससे मूर्तिकार व गणेश भक्तों में नाराजगी की स्थिति नजर आ रही है़  पूरे राज्य में गणेशोत्सव एक ऐसा त्योहार है कि जो बालकों से युवाओं को हर्षित करता है़  गणेशोत्सव के लिए अब केवल 59 दिनों का अवधि शेष रहा है़.

    मूर्तिकारों के साथ ही गणेश मंडलों ने उत्सव की तैयारी शुरू कर दी है़  मूर्तिकारों को पहले से ही आर्डर दी जाती है़  जिससे मूर्तिकार मूर्ति बनाने में जुट जाते है़ कोरोना के पूर्व गणेश मूर्तियों को बनाने के लिए कुछ भी नियम नही थे़  जिससे उस समय बड़ी बड़ी मूर्तियां बनायी जाती थी. लेकिन अभी गाइड लाइन प्राप्त होकर मंडलों के लिए 4 फिट व घरों के लिए 2 फिट की मूर्ति की मर्यादा रखी गई है़.

    तो गत वर्ष के अनुसार ही इस वर्ष भी गणेश स्थापना, विसर्जन शोभायात्रा आयोजन पर पाबंदी लगायी गई है. इस वर्ष 10 सितंबर से आरंभ होनेवाले इस त्योहार पर इस वर्ष भी कोरोना का साया रहेगा़  इस के चलते सार्वजनिक मंडलों के लिए 4 फिट तो घरों के लिए 2 फिट की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति रहेगी़  नियमावली के अनुसार सार्वजनिक गणेश मंडलों को प्रशासन की अनुमति रहेगी. गणेश मंडलों के स्थान पर भीड़ नही होने का ध्यान रखना होगा़