किसान बिल के पीछे केवल मोदी नफरत की राजनीति – भाजपा प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी का आरोप

वाशिम. दिल्ली में आंदोलन करनेवाले किसान संगठन के संदेह का समाधान करने की तैयारी बताकर इन संगठन के नेता अपनी जिद छोड़ने के लिए तैयार नही है. इन संगठन के नेताओं को मोदी सरकार को तकलीफ में लाना है़  इस आंदोलन के पीछे कुछ शक्ति अराजकता मचाने का प्रयास कर रही है़  यह आरोप भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने आयोजित पत्र परिषद में किया है.

स्थानीय भाजपा जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित पत्र परिषद में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य राजु पाटिल राजे, जिला महामंत्री नागेश घोपे, किसान मोर्चा के प्रदेश सदस्य विनोद जाधव, नितिन काले, राहुल तुपसांडे, नविन शर्मा आदि उपस्थित थे़  कुलकर्णी ने आगे कहा कि पंजाब में आंदोलन करनेवाले किसानों से अनेक दिनों से केंद्र सरकार चर्चा कर रही है़  अचानक इन संगठनों ने दिल्ली में आकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है़.

दिल्ली में आने के बाद इन संगठन के नेताओं की ओर सरकार ने अनेक बार चर्चा के लिए प्रस्ताव भेजे़  प्रत्यक्ष चर्चा व्दारा नेताओं के मन में रहनेवाले संदेह का समाधान करना व किसान बिल में आवश्यक दुरुस्ती करने की तैयारी भी बताई, लेकिन आंदोलनकर्ता संगठन के नेताओं ने अपनी जिद छोड़ने के लिए तैयारी नही बताई.

इन संगठन के नेताओं को किसान बिल निमित्त केवल राजनीति करना है़  यह अब स्पष्ट हो रहा है़  कम से कम आधारभूत मूल्य के (एमएसपी) केंद्र सरकार की ओर से खादान्न की खरीदी इसके आगे भी शुरू रहेगी़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक बार यह स्पष्ट किया है. वर्तमान स्थिति के बाजार समितियों की व्यवस्था भी कायम रहनेवाली है़  किसानों को बाजार समिति के साथ अपने मालों की बिक्री के लिए अन्य पर्याय उपलब्ध होनेवाले है़.

किसान उनकी पसंद के अनुसार अपना माल कहीं पर भी बिक्री कर सकते है़  कॉन्ट्रैक्ट खेती के संबंध की गलतफहमियां भी सरकार ने दूर की है़  ऐसा होते हुए भी यह किसान बिल रद्द करने की मांग की जा रही है़  इस किसान बिल के लाभ अब आम किसानों के सामने आने लगे है़  इसलिए किसान इस अपप्रचार को अपने ऊपर हावी न होने देंगे. यह विश्वास भी कुलकर्णी ने व्यक्त किया है़.