Bhavna Gawali

  • सांसद भावना गवली ने अंतिम संकेत दिया

वाशिम. अतिवृष्टि से जिले के किसानों का भारी मात्रा में नुकसान हुआ है. कपास, सोयाबीन की बुआई का खर्च भी निकलना मुश्किल हुआ है़  इस परिस्थिति में फसल बीमा कंपनियों ने अत्यंत कम किसानों को ही फसल बीमा दिया है़  जिले के सभी किसानों का भारी नुकसान होने से किसानों ने निकाले सभी फसल बीमा नुकसान भरपाई देना चाहिए अन्यथा फसल बीमा कंपनी की घेराबंदी आंदोलन करने के संकेत सांसद भावना गवली ने दिए है़  कोरोना के कारण राज्य की ही नही तो दुनिया भर की अर्थव्यवस्था ठप्प हुई है.

महाराष्ट्र के किसानों पर कोरोना के बाद ही अतिवृष्टि का संकट आया है़  किसानों के खेत के फ्रूट, सब्जियां आदि फसलों का भी नुकसान हुआ है़  उसके बाद लगातार अतिवृष्टि से किसानों के लाखों हेक्टेयर जमीन पर के सोयाबीन, धान, मक्का, कपास, ज्वार, तुअर इन फसलों का भी नुकसान हुआ़  वापसी की बारिश से तो कहर ही बरपा है. किसानों के मुंह तक आई फसल वापसी की बारिश से नष्ट हो गई़  किसान यह प्राकृतिक आपदा आने पर आर्थिक मदद मिलने के लिए व फसलों की नुकसान भरपाई के लिए फसल बीमा निकलता है.

यवतमाल जिले में 2 लाख 71 हजार किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा निकाला है़  इस के लिए केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और किसानों ने  रिलायन्स जनरल इन्शुरन्स बीमा कंपनी की ओर 106 करोड़ 38 लाख 77 हजार 39 रुपयों का बीमा किश्त भरा है़  जिले में किसानों का भारी नुकसान हुआ है़  ऐसे में बीमा कंपनी ने मात्र आनलाइन और आफलाइन आवेदन करनेवाले केवल 21,097 किसानों को ही बीमा का लाभ दिया़.

जिससे लाखों किसान नुकसान का दावा दाखिल नही कर सके़ विशेष याने कृषि विभाग ने भी जिले के ढ़ाई लाख किसान अतिवृष्टि से बाधित होने का अनुमान प्राथमिक सर्वेक्षण में दर्ज किया है़  जिससे इन सभी किसानों को फलस बीमा मुआवजा देने की मांग सांसद भावना गवली ने की है़  सभी किसानों को 15 दिन के भीतर फसल बीमा नुकसान भरपाई नही मिलने पर फसल बीमा कंपनी की घेराबंदी करने के संकेत सांसद गवली ने दिए है़  

फसल बीमा कंपनी की घेराबंदी 

किसानों को फसल बीमा नुकसान भरपाई मिलने के लिए सांसद गवली स्वयं ने फसल बीमा कंपनी के अधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की थी़  इस के बाद 21, 097 किसानों को नुकसान भरपाई दी गई़  प्रत्यक्ष में लाखों किसानों का नुकसान होने पर भी उनको फसल बीमा का लाभ नही मिला है़  नियमों को बताकर टालम टोल करने का प्रयास शुरू है़  नुकसान भरपाई नही मिलने पर किसानों को साथ में लेकर फसल बीमा कंपनी की घेराबंदी करने का निर्णय लिया है.