वाशिम जिले मे रब्बी क्षेत्र घटने की संभावना

वाशिम. जिले के किसानों की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. खरीफ फसल के नुकसान के बाद अब रब्बी मौसम में फसलों की उत्पादन की आशाओं पर पानी फिरता दिखाई देने से किसान परेशान हो गए है. विद्युत वितरण के

वाशिम. जिले के किसानों की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. खरीफ फसल के नुकसान के बाद अब रब्बी मौसम में फसलों की उत्पादन की आशाओं पर पानी फिरता दिखाई देने से किसान परेशान हो गए है. विद्युत वितरण के अनियमितता के कारण किसानों के पास जलभंडार होने के बावजूद सिंचाई करना संभव नहीं हो पा रहा है. जिससे आने वाली रब्बी फसल क्षेत्रों में कमी आने की संभावना निर्माण हो गई है.

वापसी की बारिश ने दिया दगा
बारिश की अनियमितता के कारण खरीफ मौसम में हाथ में आई फसल चली गई़ रब्बी मौसम में अच्छी फसल आने की उम्मीद किसानों व्दारा की जा रही थी लेकिन इसमें भी वापसी की बारिश दगा देने से रब्बी मौसम की फसलों पर भी खतरा मंडराने की संभावना निर्माण हो गई है.

4 से 5 घंटे ही मिलती है बिजली
जिले में हुए पर्जन्यमान से अनेक किसानों के खेतों में अच्छे प्रमाण में जलभंडार उपलब्ध हो गया है. इस जलभंडार के भरोसे पर अनेक किसानों ने रब्बी का नियोजन किया है. अब पानी है लेकीन बिजली नही ऐसी परिस्थिति निर्माण हो गई है. इसी दरम्यान विद्युत वितरण कंपनी ने लोडशेडिंग शुरू किया है. इन दिनों कृषि पंपों को केवल 4 से 5 घंटे बिजली मिल रही है. इन कारणों से इस रब्बी मौसम में किसान रब्बी फसल की बुआई के लिए अपेक्षित हिम्मत जुटा नहीं पा रहे है.

जिले में एक लाख हे. संभावित फसल बुआई
कृषि विभाग ने जिले में एक लाख हे. पर बुआई का नियोजन किया है. इसके लिए बीज व खाद की मांग की गई है. इसमें रब्बी मौसम के लिए 27,300 मीट्रीक टन रासायनिक खाद की मांग दर्ज किए जाने की जानकारी कृषी विभाग ने दी है. गेंहू फसल के लिए 25 हजार हे., चना फसल के लिए 72 हजार हे. रब्बी ज्वारी के लिए 1 हजार हे., करडई 600 हे. मक्का फसल के लिए 500 हे., सूर्यफूल के लिए 500 हे. इस प्रकार से कुल 1 लाख हे. क्षेत्र पर बुआई का नियोजन किया गया है.

कृषि विभाग का बीजों का नियोजन
ज्वारी के लिए 80 मीट्रिक टन, गेंहू के लिए 28,128 मीट्रिक टन, मक्का के लिए 45 मीट्रिक टन, चना फसल के लिए 20,304 मीट्रिक टन, करडी के लिए 90 मीट्रिक टन सूर्यफूल के लिए 12 मीट्रिक टन , इस प्रकार से कुल 48,656 मीट्रिक टन बीजों का नियोजन किया गया है.