आंगनवाड़ी में 19,000 बच्चे बिना आधार के

वाशिम. जिले में आंगनवाड़ी केंद्र के कुल 88,688 बालकों में से 69,626 बालकों का आधार पंजीयन हुआ है व शेष 19,000 बच्चों का अभी भी आधार पंजीयन होना बाकी है. इन बालकों का आधार पंजीयन आंगनवाड़ी केंद्रों

वाशिम. जिले में आंगनवाड़ी केंद्र के कुल 88,688 बालकों में से 69,626 बालकों का आधार पंजीयन हुआ है व शेष 19,000 बच्चों का अभी भी आधार पंजीयन होना बाकी है. इन बालकों का आधार पंजीयन आंगनवाड़ी केंद्रों में ही पर्यवेक्षकों व्दारा किया जाएगा. इसके लिए जिले को 40 टैब प्राप्त हो गए है. लेकिन उचित नियोजन के अभाव से पंजीयन में विलंब हो रहा है.

पोषण आहार व योजना का लाभ लने आधार आवश्यक
जिले में कुल 1,076 आंगनवाड़ियां है. इसमें 88,688 बच्चे प्राथमिक शिक्षा ले रहे है. आंगनवाड़ी केंद्रों के बालकों को पोषण आहार व अन्य योजना का लाभ देने के लिए आधार पंजीयन बंधनकारक है. जिले के 19,000 बालकों का आधार पंजीयन अभी तक नहीं हुआ है. आधार पंजीयन के अभाव से शासन की योजनाओं से कोई भी वंचित न रहे इसलिए शासन ने एक आदेशान्वये जून 2018 में आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों पर आधार पंजीयन की जिम्मेदारी सौंपी है. इन पर्यवेक्षकों को मोबाइल टैब देकर बालकों का आधार पंजीयन करने की प्रक्रिया बताई गई है. एक पर्यवेक्षक की ओर सामान्यत: 25 से 30 आंगनवाड़ी केंद्र की जिम्मेदारी दी गई है.

आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों के लिए 40 टैब उपलब्ध
जिले में पहले चरण में 40 मोबाइल टैब प्राप्त होकर पर्यवेक्षकों को योग्य प्रशिक्षण दिया गया है. जिला परिषद के सभागृह में कार्यशाला लेकर मार्गदर्शन किया गया़ आंगनवाड़ी केंद्रों में 31 जुलाई 2018 के पूर्व बालकों का आधार पंजीयन पूर्ण करने की सूचना वरिष्ठ स्तरों से दिए गए थे. लेकिन तांत्रिक कारण, नादुरुस्त टैब व प्रशासकीय देरी से 9 जनवरी 2019 तक आंगनवाड़ी केंद्रों में आधार पंजीयन शुरू नहीं हो सका. दरम्यान आंगनवाड़ी केंद्रों में शीघ्र ही आधार पंजीयन शुरू होने के लिए नियोजन किया गया है. ऐसा जिप के महिला व बालकल्याण विभाग के सूत्रों ने बताया है.