आय में वृद्धि के लिए सरकार प्रयत्नशील: राठौड

वाशिम. वातावरण के बदलाव के कारण किसानों के उत्पादनों में लगातार कमी आ रही है. जिससे खेती व्यवसाय नुकसान में जा रहा है.इस पर उपाय योजना करने के लिए विश्व बैंक के सहकार्य से राज्य शासन ने नानाजी

वाशिम. वातावरण के बदलाव के कारण किसानों के उत्पादनों में लगातार कमी आ रही है. जिससे खेती व्यवसाय नुकसान में जा रहा है. इस पर उपाय योजना करने के लिए विश्व बैंक के सहकार्य से राज्य शासन ने नानाजी देशमुख कृषि संजीवणी प्रकल्प हाथ में लिया है. इस प्रकल्प में जिले के 149 गांवों का समावेश है. इन गांवों में प्रकल्पों पर अमल करके किसानों के खेती उत्पादनों में वृध्दि करने का प्रयास किया जाना चाहिए. ऐसा प्रतिपादन जिले के पालकमंत्री संजय राठोड ने किया है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए प्रयत्नशील है. वे स्थानीय नियोजन भवन में गुरुवार को आयोजित नानाजी देशमुख कृषि संजीवणी प्रकल्प पहचान व रुपरेखा प्रशिक्षण कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर बोल रहे थे.

15 जिलों में चलाया जा रहा प्रकल्प
राज्य के 15 जिलो में यह प्रकल्प चलाया जा रहा है. इसके लिए 5 हजार करोड़ रुपये अपेक्षित होकर अगले छह वर्ष इस प्रकल्पों पर अमल शुरू रहने वाला है. प्रकल्प चलाने की जिम्मेदारी संबंधित गांव के ग्रामस्तरीय समिति पर सौंपी गई है. संबंधित गांवों के सरपंच समिति के अध्यक्ष रहेंगे़ जिससे उनके गांव के खेती की आवश्यकता नुसार आवश्यक कार्यों का गांव स्तरों पर सूक्ष्म नियोजन कर खेती का व गांव का विकास साधने हेतु सरपंचों ने पहल करना चाहिए़ नानाजी देशमुख कृषि संजीवणी प्रकल्पों में से कौन कौनसी काम किए जा सकेंगे इसके कौनसी कार्यवाही करना पड़ेगा. इस बाबत की जानकारी कृषि विभाग ने संबधित ग्रामस्तरीय समिति को देना चाहिए.

जिले के 149 गांवो का चयन
देशमुख ने बताया कि, कृषि यह भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य पहलू है़ लेकिन निसर्ग पर निर्भर रहने वाले खेती से किसानों के सामने अनेक समस्या निर्माण हुई है. इस पर मात करने के लिए नानाजी देशमुख कृषि संजीवणी प्रकल्पों पर अपने गांव में प्रभावी रूप से अमल करने के लिए सरपंचों ने पहल करना चाहिए.

प्रस्ताविकता में गावसाने ने बताया की नानाजी देशमुख कृषि संजीवणी प्रकल्प के लिए जिले के 149 गांवो का चयन हुआ है इनकी सही पहचान करने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है.

इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा हर्षदा देशमुख, मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपककुमार मीना, नगरअध्यक्ष अशोक हेडा, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी गावसाने, उपविभागीय कृषि अधिकारी दत्तात्रय चौधरी, तहसीलदार बलवंत अरखराव, तालुका कृषि अधिकारी देवगीरीकर, संतोष वालके, करडा कृषि केंद्र के शास्त्रज्ञ राजेश डवरे आदि उपस्थित थे़ कार्यक्रम संचालन एम जे अरगडे ने किया तो आभार चौधरी ने माने.