ZP का 2.83 लाख बचत का बजट मंजूर

वाशिम. जिले के ग्रामीण भागों के विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले जिला परिषद का बजट जिप उपाध्यक्ष तथा अर्थ व नियोजन सभापति चंद्रकांत ठाकरे ने विशेष सर्वसाधारण सभा में प्रस्तुत किया. इस सभा में

वाशिम. जिले के ग्रामीण भागों के विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले जिला परिषद का बजट जिप उपाध्यक्ष तथा अर्थ व नियोजन सभापति चंद्रकांत ठाकरे ने विशेष सर्वसाधारण सभा में प्रस्तुत किया. इस सभा में विषय समितियों के अधिकार को लेकर चर्चा होने के बाद पीठासीन अधिकारी हर्षदा देशमुख ने बजट को मंजूरी दी है. जिला परिषद के स्व़ वसंतराव नाईक सभागृह में आयोजित 6 वे अर्थंसंकल्पीय सभा में अर्थनियोजन सभापति चंद्रकांत ठाकरे ने 2 लाख 83 हजार 520 रुपये शेष का बजट प्रस्तुत किया.

इस अवसर पर जिप के स्वयं आय व खर्च सन 2018 -19 का सुधारित व सन‍् 2019-20 का मूल अंदाजपत्रक रखा. इस सभा की अध्यक्षता के लिए जिप अध्यक्षा हर्षदा देशमुख तो अन्य प्रमुखता में मुख्यकार्यकारी अधिकारी दीपककुमार मीना, उपाध्यक्ष चंद्रकांत ठाकरे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी तापी, कृषि व पशुसंवर्धन सभापति विश्वनाथ सानप, शिक्षण व स्वास्थ्य सभापति सुधीर गोले, समाजकल्याण सभापति पानु जाधव, महिला व बालकल्याण सभापति यमुना जाधव आदि उपस्थित थे. सभा में अध्यक्ष के अनुमति से बजट प्रस्तुत कर विभाग निहाय प्रावधान का वाचन किया.

इस अवसर पर पेश किए बजट में सन 2019-20 के मूल अंदाजपत्रक की प्रारंभिक शेष 7,35,64,620 होकर सन 2019-20 के मूल अंदाजपत्रक में 7,32,81,100 रुपयो का प्रावधान किया गया. इसमें सार्वजनिक मालमत्ता रक्षण 77,08,000 तो शिक्षण विभाग के लिए 28,10,000, सार्वजनिक स्वास्थ्य 30,10,000, देखभाल दुरुस्ती निधि में भरना करने के लिए 20 प्रतिशत अंशदान मांग के नुसार 32,40,000, सामाजिक न्याय विभाग वर्ग अन्य दुर्बल घटकों के कल्याण के लिए 36,62,000, सामाजिक न्याय विभाग 5 प्रतिशत अपंग कल्याण के लिए 8,10,000, महिला व बालकल्याण 10 प्रश निधी 16,20,000 ,कृषी 38,60,000 , पशु संवर्धन, दुग्ध व्यवसाय , कुकटपालन के लिए 6,00,100, पंचायतराज कार्यक्रम के लिए 1,77,61,000 , लघु सिंचन बंधारे 68,00,000, ग्रामीण रस्ते दुरुस्ती देखभाल के लिए 1,75,00,000 , संकीर्ण अधि़. 1961 अनुसूची के बातों के लिए 11,00,000 का प्रावधान किया गया.

विविध विषयों पर की गई चर्चा
सभा में विविध विषयों पर चर्चा की गई. सभा के लिए शंकरराव बोरकर, विकास गवली, सुभाष शिंदे, अनिल कांबले, सचिन रोकडे, हरिदास कोरडे, चक्रधर गोटे, मोहन महाराज चिंतामन खुले, विश्वास गोदमले के साथ अन्य सदस्य तथा अधिकारी उपस्थित थे.