41,000 नागरिकों की जांच

वाशिम. जिले में प्रत्यक्ष क्षयरोगी खोज मुहिम 6 मई से शुरू हुई. तीन दिन में यानी 9 मई तक 41,000 नागरिकों की जांच की गई. जिसमें 270 लोग संदिग्ध पाए गए़ इनमें एक को टीबी के रोग होने का निदान हुआ है़

वाशिम. जिले में प्रत्यक्ष क्षयरोगी खोज मुहिम 6 मई से शुरू हुई. तीन दिन में यानी 9 मई तक 41,000 नागरिकों की जांच की गई. जिसमें 270 लोग संदिग्ध पाए गए़ इनमें एक को टीबी के रोग होने का निदान हुआ है़ क्षयरोगियों पर एक उचित अवधि के भीतर और नियमित औषधिपचार होने की दृष्टी से जिले में प्रत्यक्ष क्षयरोगी खोज मुहिम चलाई जा रही है़ इसके लिए जिले भर में 269 दस्तों का गठन किया गया है. वे गांव-गांव में भेंट देकर नागरिकों की जांच कर रहे है़ं ऐसे व्यक्ति के थूंक के नमूने की जांच करना, आवश्यक रहने पर एक्सरे व अन्य जांच कर क्षयरोग के निदान कर तुरंत औषधोपचार शुरू किया जा रहा है़ 9 मई तक गृह् भेंट व्दारा कुल 41,275 नागरिकों की जांच की गई़ इनमें 270 लोग संदिग्ध पाए गए़ अभी तक 120 के थूंक के नमूने लेकर आगे की जांच के लिए भेजे गए है़ं

घर-घर जाकर कर रहे सर्वेक्षण
इनमें से 62 लोगों की जांच पूरी हुई जिसमें एक व्यक्ति को क्षयरोग होने का सामने आया है. सुधारित राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम के कर्मचारी, उनके भागधारक , अशासकीय संस्था व उसी प्रकार से सार्वजनिक आरोग्य सेवा के कर्मचारी के दस्ते घर-घर जाकर सर्वेक्षण का काम कर रहे है़ ऐसी जानकारी डा़ जिरोणकर इन्होंने दी है जिप के मुख्यकार्यकारी अधिकारी दीपककुमार मीणा इनके मार्गदर्शन में व जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा़ आविनाश आहेर इनके नेतृत्व में जिला क्षयरोग अधिकारी कार्यालय की ओर से यह मुहिम चलाई जा रही है़