मूंगफल्ली की आवक बढ़ी, 350 रुपयों की गिरावट

वाशिम. जिले के बाजार समितियों में इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंगफल्ली की आवक इन दिनों बढ़ती जा रही है़ लेकिन शुरूवात में समाधान कारक दरो के बाद अभी मूंगफल्ली फसल के दरों में गिरावट आ गई है़ जिससे किसानों

वाशिम. जिले के बाजार समितियों में इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंगफल्ली की आवक इन दिनों बढ़ती जा रही है़ लेकिन शुरूवात में समाधान कारक दरो के बाद अभी मूंगफल्ली फसल के दरों में गिरावट आ गई है़ जिससे किसानों में चिंता व्याप्त है़ विगत चार दिनों में बाजार में खेत मालों की प्रति क्विंटल में 350 रुपये गिरावट आई है़ वाशिम जिले में गीष्मकालीन फसल की औसतन क्षेत्र 8 हजार हेक्टयर होते हुए भी विगत तीन वर्षो से ग्रीष्मकालीन फसल के क्षेत्रों में भारी गिरावट आयी है़ इस वर्ष केवल एक हजार हेक्टयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन फसल की बुआई हुई थी़ इसमें सर्वाधिक क्षेत्र मूंगफल्ली का ही था़ इस वर्ष सूखे की स्थिति निर्माण होने से इस फसल के उत्पादनों पर कुछ परिणाम हुआ है़ जिससे किसानों को अच्छे भाव मिलने की उम्मीद थी़ इस फसल की बाजार में खरीदी शुरू होने के बाद प्रतिक्विटिंल 5,500 रुपये तक भाव मिल रहे थे़ यह भाव अच्छे नहीं हुए तो भी खरीफ की बुआई की तैयारी के लिए ठीक समझे जा रहे थे़

4 वर्षों से गिरावट जारी
पिछले चार वर्ष से इस खेतमालों के भावों में गिरावट शुरु हुई है़ शुक्रवार को बाजार भाव के अनुसार अधिक से अधिक 5,150 रुपये प्रतिक्विटिंल के दर मिले थे़ दरम्यान चार दिनों में ही प्रतक्विटिंल के पीछे 350 रुपये की गिरावट आने का स्पष्ट हुआ है़ जिससे मूगफल्ली उत्पादक किसानो में निराशा का व्याप्त नजर आ रही है़ लेकीन खरीफ की तैयारी के लिए पैसो की आवश्यकता होने से किसान मूंगफल्ली की विक्री पर जोर दे रहे है़ इन दिनों बाजार में मूगफल्लियों की आवक भी बढ़ रही है़ कारंजा तहसील में शुरूवात में 750 क्विंटल पर रहनेवाली आवक शुक्रवार को 950 क्विंटल तक पंहुच गई थी़