आदिवासी माध्यमिक शाला का स्थानांतरण न करे

वाशिम. महाराष्ट्र सरकार के आदिवासी विकास विभाग द्वारा शेलू बाजार, चिखली में शुरू रहने वाले आदिवासी माध्यमिक शाला का अन्य स्थानों पर स्थानांतरण नहीं करने की मांग सांसद भावना गवली ने आदिवासी विकास

वाशिम. महाराष्ट्र सरकार के आदिवासी विकास विभाग द्वारा शेलू बाजार, चिखली में शुरू रहने वाले आदिवासी माध्यमिक शाला का अन्य स्थानों पर स्थानांतरण नहीं करने की मांग सांसद भावना गवली ने आदिवासी विकास मंत्री विष्णु सावरा से की है.

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ निवास की संपूर्ण व्यवस्था वाले आदिवासी माध्यमिक आश्रम शाला में कक्षा पहली से 10 वीं तक कक्षाए शुरू है़ यह शाला इसके पूर्व शेलू बाजार में थी़ इसके बाद अब चिखली में किराए के इमारत में शुरू की गई है. शाला में परिसर के 200 से अधिक छात्र शिक्षा ले रहे हैं. शाला भी नियमित रूप से शुरू है. लेकिन बीच पटसंख्या कम रहने का कारण बताकर व अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से चिखली की यह शाला अकोला जिले के कोथली में स्थानांतरित करने की हलचल शुरू हो गई है. शाला के स्थानांतरण का विद्यार्थियों के पालकों ने विरोध किया है. जिले मे शेलू बाजार परिसर में सरकार ने उपलब्ध कराए आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा सुविधा इसी स्थान पर कायम रखे़ शाला का स्थानांतरण न किया जाए.

35 करोड़ की निधि उपलब्ध कराए
उन्होंने कहा कि आदिवासी आश्रम शाला की नए इमारत के लिए चिखली में भूमि शासन के आदिवासी विकास विभाग ने खरीदी की है. इस भूमि पर नए इमारत का प्रस्ताव शासन की ओर प्रस्तुत किया है. शासन से नई इमारत के लिए 35 करोड़ निधि उपलब्ध कराने की मांग भी सांसद गवली ने की है.