वाशिम-बडनेरा नए रेल मार्ग निर्माण की उम्मीदें बढ़ी

वाशिम. विगत कुछ दिनों से वाशिम-बडनेरा नए रेलमार्ग के लिए व्यापारी मंडल रेलवे विकास समिति के साथ ही जिलावासियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारण अब यह मार्ग निर्माण होने की उम्मीदें बढ़ी है़ दिल्ली

वाशिम. विगत कुछ दिनों से वाशिम-बडनेरा नए रेलमार्ग के लिए व्यापारी मंडल रेलवे विकास समिति के साथ ही जिलावासियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारण अब यह मार्ग निर्माण होने की उम्मीदें बढ़ी है़ दिल्ली से बेंगलोर जाने के लिए अभी दिल्ली-खंडवा-दौड-गुलबर्गा व दिल्ली-इटारसी – नागपुर – सिंकदराबाद -बेंगलोर यह दो रेल मार्ग है़ ये दोनों मार्ग ज्यादा दूरी के है़ जिससे वाशिम-बडनेरा के 100 किलोमीटर के नए रेलवे मार्ग निर्मिति की मांग विगत 25 वर्षों से रेलयात्रियों की सुविधा के लिए की जा रही है़

समय व किराए में होगी बचत
यह नया रेलमार्ग निर्माती के बाद दिल्ली से बेंगलोर दरम्यान की दूरी 325 किलो से कम होकर समय की व किराए में भारी बचत होने वाली है़ नए रेलमार्ग के कारण बडनेरा मार्ग स्थित कारंजा तहसील के धनज गैस प्लांट के लिए सुविधा होगी व इस मार्ग से जाने वाले मंगरुलपीर, कारंजा का संपर्क अमरावती व अन्य महानगरों से जुड़ जाएगा़ इस मार्ग के बन जाने से जिले के बाजारपेठ, कृ़षि उत्पादन व औद्योगिक क्षेत्र में आसानी से विकास होगा़ बताया जाता है़ कि वाशिम-बडनेरा इस रेलमार्ग के अभाव में यहा उड़द, मूंग, संत्रा, हल्दी आदि फसलों को बाहर भेजने का साधन नहीं होने से किसानों को कई बार उत्पादन खर्च से भी कम मूल्य में माल बेचना पड़ता है़ आज की स्थिति में हजारों ट्रक ढोया जाने वाला लोहा, सीमेंट, कोयला एंव अन्य अनाज की ढुलाई इस नए रेलमार्ग से हो सकती है़

नरखेड से बडनेरा मार्ग का काम पूरा
वाशिम-बडनेरा इस रेल मार्ग की रेलवे बोर्ड में वाशिम-नरखेड के नाम से पंजीयन है़ इसमें नरखेड से बडनेरा इस मार्ग का काम पूर्ण हो चुका है. बडनेरा से वाशिम मार्ग का काम शेष पड़ा है़ जिससे रेलवे कार्यालय में नरखेड-वाशिम इस मार्ग का काम अपूर्ण अवस्था में है़ यहां के व्यापारी मंडल रेलवे विकास समिति ने इस मार्ग के लिए 2004 से संघर्ष शुरू किया है़ इसके बाद 2012 में फिर इस रेल मार्ग का सर्वेक्षण हुआ़ लेकिन यह अहवाल भी अटक गया था और अब रेलवे के सर्वेक्षण विभाग से इस मार्ग के सर्वेक्षण काम का हाथ में लिया गया है़ रेलवे के सर्वेक्षण विभाग के डेप्युटी चीफ आपरेशन मैनेजर शिवराज मानसपुरे के दस्ते ने हाल ही में अमरावती -धनज -कारंजा- मंगरुलपीर व वाशिम में भेंट दी है. उन्होंने बडनेरा -वाशिम इस 95 से 100 किलोमीटर के रेलवे लाइन के लिए अधिक से अधिक 250 करोड़ रुपये खर्च अपेक्षित बताया जा रहा है़ यह खर्च अन्य रेलवे मार्ग से कम रहने से मानसपुरे के दस्ते ने इस नए रेलमार्ग के लिए सकारात्मकता दर्शायी है़ और अब इस नए रेलमार्ग के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता निर्माण हो गई है़ बडनेरा-वाशिम इस रेलमार्ग के निर्मिति के लिए यहां के व्यापारी मंडल रेलवे विकास समिति अगले सप्ताह में सांसद भावना गवली के नेतृत्व में रेलवे मंत्री पीयूष गोयल से भेंट करेंगे़ इस भेंट में वाशिम-बडनेरा रेल मार्ग के निर्मिति संदर्भ में 250 पेज का अहवाल गोयल को सौंपा जाने की जानकारी जुगलकिशोर कोठारी ने दी है़

उल्लेखनीय होगा कि, दक्षिण से आनेवाली ट्रेनों को वाशिम से बडनेरा व आगे नरखेड, इटारसी होते हुए दिल्ली मध्य रेलवे को जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग के रूप में नियोजित मानते हुए तत्कालीन रेलवे मंत्री लालू प्रसाद यादव ने 2009 के रेलबजट में इस मार्ग को स्वीकृति दी थी़ सर्वे करने की घोषणा की थी़ दरम्यान उस समय समिति ने इस रेलमार्ग का एअर सर्वे किया था़ जिसमें इस मार्ग की दूरी 98 किमी अंकित की गई थी़ लेकिन रेलवे विभाग के प्रतिनिधि मंडल ने सर्वे कर इस मार्ग की दूरी 123 किमी दिखायी थी़ बताया गया था कि, नागपुर रेलवे विभाग से पहुंचे सर्वे पर ने सर्वे कर अधूरी रिपोर्ट प्रशासन को दी थी़ इस नए रेलवे मार्ग का निर्माण होना इसलिए सांसद गवली, जुगलकिशोर कोठारी, गुरुमुखसिंग गुलाटी, रमेशचंद्र बज, मिठुलाल शर्मा, कैलाश पाटणी, राजेंद्र बडजात्या, अरुण इंगले, प्रकाश डहाके, सुभाष ठाकरे, विजय बगडे आदि ने पहल की है़ 25 वर्ष के प्रयासों के बाद अब यह मार्ग प्रशस्त होते नजर आ रहा है़