Mumbai: NGO chief's gang looted jewels worth Rs seven crore during lockdown, arrested

वाशिम. किन्हीराजा के दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी बद्रीनाथ आडे अपना निजी काम निपटाकर शाम के समय अकोला से मंगरुलपीर जाने के लिये बस क्रमांक एमएच - 06 - एस - 8048 की बस में बैठे. उनके हाथ में

वाशिम. किन्हीराजा के दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी बद्रीनाथ आडे अपना निजी काम निपटाकर शाम के समय अकोला से मंगरुलपीर जाने के लिये बस क्रमांक एमएच – 06 – एस – 8048 की बस में बैठे. उनके हाथ में अंगुठियां व नगद रकम देखकर अज्ञात व्यक्ति ने बस में बेहोश करने वाली औषधि को सुंघाकर 12 ग्राम सोने की दो अंगुठियां व 10 हजार रु. नगद कुल 70 हजार रु. का माल चुरा लिया. निजी कार्य के तथा अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के लिये आडे 19 दिसंबर को अकोला आये थे.

शाम 4 बजे अकोला से निकलते ही उन्होंने पुत्र से कहा कि वह मोटरसाईकिल लेकर 5.30 बजे शेलू बाजार आ जाए. उनका पुत्र राह देखते रहा. पिता का फोन न आने से वह परेशान हुआ. बार-बार फोन किए जाने के बाद मंगरुलपीर के वर्कशॉप में रखी बस की साफ-सफाई करने वाले कर्मचारी ने फोन उठाया और बस में पिछली सीट पर बैठा व्यक्ति आपका रिश्तेदार है क्या? यह पूछा. तब विश्वनाथ आडे ने यह जानकारी मंगरुलपीर निवासी चाचा को दी.

चाचा मंगरुलपीर बस स्टैण्ड पहुंचे और देखा कि बद्रीनाथ आडे पिछली सीट पर पड़े हुए थे. उनके पाजामा की जेब खाली थी. बेहोशी की दवा उपयोग किए जाने से वे होश में नहीं आए थे. आडे को वाशिम के निजी अस्पताल में ले जाया गया. सुबह 4 बजे उन्हें घर लाया गया.

बेहोशी की दवा सुंघाकर लूटनेवाले सक्रिय

शुक्रवार की सुबह 8 बजे कुछ होश में आने पर उन्हें क्या हुआ इस बारे में कुछ जानकारी नहीं थी. 20 दिसंबर को बद्रीनाथ आडे को फिर अकोला में उपचार के लिये लाया गया. अकोला से मंगरुलपीर के दौरान बसों में बेहोशी की दवा सुंघाकर लूटनेवाले सक्रिय है, इसका भय यात्रियों में है. अभी भी बद्रीनाथ आडे बेहोशी की दवा के असर से बाहर नहीं निकले है. इस प्रकरण के बारे में अकोला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज किए जाने की जानकारी विश्वनाथ आडे ने दी है.