Ajit Pawar

वाशिम. उपमुख्यमंत्री तथा वित्त व नियोजन मंत्री अजित पवार ने कहा है कि मानव विकास निर्देशांक कम रहने के कारण जिले के विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है़ जिले में बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कर

वाशिम. उपमुख्यमंत्री तथा वित्त व नियोजन मंत्री अजित पवार ने कहा है कि मानव विकास निर्देशांक कम रहने के कारण जिले के विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है़ जिले में बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कर प्रति व्यक्ति आय वृध्दि के लिए किए जाने वाले प्रयासों को राज्य सरकार से सहयोग दिया जाएगा़ जिले को विकास के प्रवाह में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे़ वे जिला वार्षिक योजना (सर्वसाधारण) 2020-21 के प्रारूप योजना को अंतिम मंजूरी देने के लिए अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के नियोजन भवन में हुई राज्यस्तरीय बैठक में किया है.

इस अवसर पर खाद्य व औषधि प्रशासन मंत्री डा. राजेंद्र शिंगणे, महिला व बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर, जलसंसाधन व लाभक्षेत्र विकास राज्यमंत्री बच्चू कडू, जिला परिषद के अध्यक्ष चंद्रकांत ठाकरे, विधायक गोपीकिशन बाजोरिया, विधायक अमित झनक, नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देबाशीष चक्रवर्ती, विभागीय आयुक्त पियुष सिंह, जिलाधिकारी ऋषिकेश मोडक, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार मीना, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा के प्रकल्प संचालक लीना बन्सोड, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार चव्हाण, जिला नियोजन अधिकारी भारत वायाल सहित विविध कार्यान्वयीन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.

इस अवसर पर जिलाधिकारी मोडक ने प्रारूप योजना पर प्रस्तुति दी़ उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि वर्ष 2019-20 में जिला वार्षिक योजना से शुरू सभी विकास कार्य अच्छे दर्जे के कर कार्य निर्धारित अविध में पूर्ण करना चाहिए़ विकास निधि निर्धारित अवधि में पूर्ण खर्च होगा इसकी सर्तकता लेना आवश्यक है़ जिले का पिछड़ापन दूर करने के लिए जनप्रतिनिधि व प्रशासन ने एकत्रित प्रयास करे़

सर्वसाधारण जिला वार्षिक योजना वर्ष 2020-21 के लिए जिले को 105 करोड़ रुपए नियत व्यय व आकांक्षित जिला कर 25 प्रतिशत अतिरिक्त नियत व्यय निश्चित किया गया था़ लेकिन कार्यान्वयीन विभागों की मांग व जिले के विकास कार्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिले के लिए निश्चित किए गए कुल नियत व्यय की मर्यादा 163 करोड़ रुपए निश्चित करने के लिए मंजूरी दी है़

बढ़ी निधि से ग्रामीण भागों की सुविधा के कार्य पूर्ण करे. इसी के साथ पुलिस दल को अप टू डेट वाहन उपलब्ध करवाकर देना. भारतीय जैन संगठन के सहभाग से जलसंधारण व पांदन रास्तों के कार्य करने के लिए ईंधन उपलब्ध करवाने का प्रयास करना. जिले के कृषि पंप बिजली कनेक्श्न के कार्य को गति देना. जिले के 5 एमवीए क्षमता की बिजली उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाकर 10 एमवीए करने के कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने की आदेश उन्होंने दिए.