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वाशिम. राज्य में गत 3 से 5 अक्टूबर 2011 के दौरान प्राथमिक शालाओं में विशेष उपस्थिति जांच मुहिम के दौरान अनेक शालाओं में उपस्थिति कम पाई गई थी. इतना ही नहीं तो शालाओं में फर्जी विद्यार्थियों की

वाशिम. राज्य में गत 3 से 5 अक्टूबर 2011 के दौरान प्राथमिक शालाओं में विशेष उपस्थिति जांच मुहिम के दौरान अनेक शालाओं में उपस्थिति कम पाई गई थी. इतना ही नहीं तो शालाओं में फर्जी विद्यार्थियों की उपस्थिति दिखाने की बात भी सामने आई. वाशिम जिले में कक्षाओं में संख्या दिखाने के लिए बोगस विद्यार्थी उपस्थित दिखाए गए. जिले में ऐसे 12 प्राथमिक शालाएं पाई गई इनमें से दो शाला स्थानीय स्वराज्य संस्था की होने से 10 निजी शालाओं पर और उनके मुख्यध्यापकों पर फौजदारी कार्यवाई की जाएगी.

हाजरी बुक में दिखाए गए बोगस छात्र
प्राथमिक शिक्षा संचालक व्दारा दिए गए कार्यवाई के आदेश प्राप्त होने की जानकारी प्राथमिक शिक्षाधिकारी अंबादास मानकर ने दी है. राज्य में विशेष जांच मुहिम दौरान जिन शालाओं में पटसंख्या की तुलना में 50 प्रतिशत से कम उपस्थिति पाई गई थी. अनेक शालाओं में पद बचाने के लिए फर्जी विद्यार्थी हाजरी बुक पर दिखाकर वृध्दिगत टुकडी मांगना, वृध्दिगत टुकड़िया दिखाकर अतिरिक्त शिक्षकों के पद मंजूर करवाएं गए. इसी प्रकार से इन शालाओं ने शासन की शालेय पोषाहार, गणवेश, लेखन साहित्य, पाठयपुस्तकें,स्वाध्याय पुस्तिका, उपस्थिति भत्ता, छात्रवृत्ति का भी लाभ लिया.

मान्यता रद्द करने का दिया था नोटिस
उपस्थिति जांच मुहिम में 20 प्रतिशत से अधिक अनुउपस्थिति वाली शालाओं की मान्यता रद्द क्यों न करे ऐसे नोटिस शालाओं को दी गई थी. 50 प्रतिशत से अधिक अनुपस्थितिवाली शिक्षा संस्था व मुख्याध्यापक के खिलाफ में फौजदारी स्वरुप का अपराध दायर कर शाला की मान्यता वापस लेने के आदेश शासन ने 2 मई 2012 को दिए थे. लेकिन राज्य के कुछ संस्था चालकों ने मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ की शरण ली़ परंतु माध्यमिक शिक्षा संचालकों ने न्यायालय में शपथ पत्र प्रस्तुत किया. उच्च न्यायालय ने कहा था कि,संबंधित शाला व्यवस्थापन , मुख्यध्यापक, शिक्षक, कर्मचारियों के खिलाफ फौजदारी कार्यवाई शुरू करने के अधिकार शासन के है. इसके बाद न्यायालय ने शालाओं को लेकर कुछ बातें ध्यान में आने से आदेश की पूर्तता करने को कहा. इस कारण शासन के साथ आर्थिक धोकेबाजी कर, फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें सही दिखाने में इन शाला,मुख्याध्यापक, संस्थाचालकों पर फौजदारी कार्यवाई कर उसे लेकर रिपोर्ट शिक्षा संचनालय को प्रस्तुत कर स्पष्ट किया गया है.

इन शालाओं का समावेश
वाशिम जिले के इन 12 शालाओं में अरिहंत प्राथमिक शाला शिरपुर, जय सेवादास महाराज प्रा़ शाला मानोरा, आप्पास्वामी म़ प्राथ़ शाला रिसोड, डा़ अल्लामा इकबाल उर्दु प्राथ़ शाला व्याड तहसील रिसोड, सिध्देश्वर प्राथ. शाला रिसोड, मां अम्बे प्राथ. शाला मंगरुलपीर, आदर्श प्राथ. शाला कारंजा, क्रांतिवीर लहुजी प्रा़थ़ शाला वाशिम, भारतीय ज्ञानपीठ प्राथ़ शाला कारंजा, जिप शाला लोहगाव व जिप प्राथ शाला डोंगरबाद तहसील कारंजा का समावेश है.