Nashik vegetables in Mumbai kitchens
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    वाशिम. कोरोना संक्रमण से सभी क्षेत्र प्रभावित हुए है. इसमे छोटे व्यवसाय तो अधिक ही प्रभावित हुए है़  कर्फ्यू के कारण अब सब्जियां उत्पादक किसान अपनी सब्जियां बाजार में नही बेच पाने से घाटे में चल रहे है़  खेत में उत्पादित सब्जियां कहा पर बिक्री करें. ऐसा सवाल भी उनके सामने निर्माण हो रहा है़  खास कर ग्रामीण भागों में बड़ा परिश्रम करके उत्पादित सब्जियां अब कुछ किसानों के खेत पर सड़ने की कगार पहुंच रही है़  जिले में पर्याप्त पानी की उपलब्धता से किसानों ने बड़े प्रमाण में भी सब्जियों की फसल लेना शुरू किया है़.

    आधुनिक तकनीक का उपयोग करके और बाजार की उपलब्धता को देखते हुए विगत कुछ वर्षो से अधिक तर किसान सब्जियों की फसल उत्पादित कर रहे है़ लेकिन पिछले वर्ष से कोरोना संकट के कारण सब्जियां उत्पादक किसान बड़े अड़चन में आए है. गत वर्ष का नुकसान भरके निकालने के लिए इस वर्ष किसानों ने बड़े उत्साह से सब्जियों की फसल की बुआई की है़.

    इस में टमाटर, बैंगन, आलू, भेंडी, मिरची, करेला, पालक ऐसे विविध सब्जियां उत्पादित की है़ हालाकि यहां पर सुबह होनेवाली नीलामी में शहर के साथ ग्रामीण भागों के किसान अपनी सब्जियां यहां के बाजार समिति में नीलामी के लिए लाते है़  लेकिन पिछले दो महिनों से कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ने व इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन व्दारा उपाययोजना की जा रही है़  जिससे जिले में अभी कर्फ्यू लगाया है. जिससे बाजार बंद रखे गए है.

    इस दौरान खेतों में परिपक्व सब्जियां तोड़ना आवश्यक रहता है़  लेकिन बाजार पेठ ही बंद रहने से यह माल कहां पर बेचना यह समस्या सब्जि उत्पादक किसानों के सामने खड़ी हो रही है़  तो कुछ किसानों की सब्जियां सड़ने के कगार पर पहुंच रही है़