डाली नाम के कंटेनर शिप पर चालक दल के 21 सदस्य सवार हैं। जिनमे से 20 भारतीय नागरिक हैं।

ये जहाज़ श्रीलंका जाने के अपने 21 दिनों के सफर पर निकल रहा था और 26 मार्च को दुर्घटना का शिकार हुआ था।

खबर के मुताबिक चालक दल के सदस्य ‘घबराए हुए’ हैं, और उन्होंने तफ्तीश के दौरान कोई भी बयान नहीं दिया है।

चालक दल के सदस्यों के पास वाईफाई की सुविधा नहीं है और वो बाहरी हलचल से पूरी तरह कटे हुए हैं।

जहाज में मौजूद लोगों को जहाज से उतरने की भी इजाजत नहीं है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि जहाज को स्थिर करने का काम चल रहा है।

इस तरह की घटना में लंबा वक्त लगता है ऐसे में जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती चालक दल के सदस्यों को उसी में रहना होगा।

बाहर उनके बार में क्या बात चल रही है इसके बारे में चालक दल के सदस्यों को कोई जानकारी नहीं है।

खबर है कि कुछ हफ्तों के बाद जूनियर सदस्यों को घर भेज दिया जाए, लेकिन सीनियर सदस्यों को जांच पूरी होने तक रुकना होगा।

स्थानीय कुछ संगठन चालक दल के सदस्यों की मदद के लिए सामने आये हैं।

फिलहाल बाल्टीमोर प्रशासन का ध्यान बंदरगाह पर आवागमन को सुचारू करने पर लगा हुआ है।

ये कहा जा सकता है कि जांच पूरी होने में वक्त लगेगा और तब ही भारतीयों के वापसी की संभावना है।