पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के रहस्यमयी मौत और आतंकवादी संगठनों पर बढ़ते दबाव की वजह से फ्रीलांस जिहाद बढ़ गया है।

फ्रीलांस जिहाद में स्वतंत्र आतंकी हमले को अंजाम देते हैं वो किसी संगठन से जुड़े नहीं होते।

हाल के दिनों में पकिस्तान में फ्रीलांस जिहाद बढ़ा है, इसमें वो लोग हैं जो पहले किसी बड़े आतंकी संगठन का हिस्सा थे, अब स्वतंत्र तौर पर काम कर रहे हैं।

फ्रीलांस जिहादियों की मदद से आतंकी हमलों की आउट सोर्सिंग भी होती है। पकिस्तान और पडोसी मुल्कों में ये चलन तेजी से बढ़ा है।

दुनियाभर में फ्रीलांस जिहादियों की मदद से आतंकी हमलों की आउट सोर्सिंग हो रही है, वैश्विक तौर पर ये समस्या बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है।

पाकिस्तान में चीनी अधिकारियों पर हमला पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

28 मार्च को 5 चीनी इंजीनियर खैबर पख्तूनख्वा आतंकी हमले में मारे गए। जिस वजह से पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर किरकिरी हो रही है।

किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। खबर है की ये फ्रीलांस जिहाद का काम है।

साल 2021 में भी दासू प्रोजेक्ट के पास, हमले में नौ चीनी नागरिकों समेत तेरह लोग मारे गए थे।

चीन पाकिस्तान में 62 अरब डॉलर का पूंजी निवेश कर रहा है। हमले जारी रहे तो चीन पीछे हट सकता है।