MAMTA

    नंदीग्राम. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के घायल होने की घटना पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मियों को चूक के लिए दंडित कर सकता है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयोग दंड पर निर्णय लेने से पहले राज्य सरकार (Stae Government) और चुनाव के लिए तैनात दो पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहा है।  

    आयोग के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ यकीनन यह उन पुलिसकर्मियों की ओर से चूक है, जिन पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा था। किसी को भी मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे को तोड़ कर घुसने नहीं दिया जाना चाहिए। हम कोई भी निर्णय लेने से पहले राज्य सरकार और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि आयोग को जो वीडियो मिला है उसमें दिखाई दे रहा है कि बुधवार को नंदीग्राम के बिरूलिया बाजार इलाके में प्रचार के दौरान बहुत सारे लोग मुख्यमंत्री के वाहन के नजदीक आ गए थे। अधिकारी ने कहा कि वीडियो के फुटेज ‘‘ज्यादा स्पष्ट नहीं हैं, जिससे यह बात साफ हो सके कि बनर्जी पर हमला किया गया, जैसे उन्होंने आरोप लगाए हैं।”  

    बनर्जी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा (Z Security) प्राप्त है और 20 से अधिक जवानों पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बीच पूर्व मेदिनीपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कई प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की है, घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठे किए हैं और वीडियो फुटेज भी जुटाए हैं। उन्होंने कहा,‘‘ अभी तक हमें घटना के बारे में लोगों से तरह-तरह की बातें सुनने को मिली हैं।” इस बीच, राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन खबरों को खारिज किया कि जिला प्रशासन ने एक ‘‘प्रारंभिक रिपोर्ट” सौंपी है जिसमें इसे ‘‘दुर्घटना” करार दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी ऐसा कुछ नहीं सौंपा गया है। हमें नहीं पता कि ऐसी बातें कहां से आ रही हैं। (एजेंसी)