2954 new patients confirmed in Pak, total cases were 3,79,883, Provincial governments imposed restrictions

इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) में मंगलवार को कोरोना वायरस (Corona Virus) के 2954 नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद प्रांतीय सरकारों ने संक्रामक रोग का प्रसार रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनमें दफ्तरों में हाजिरी सीमित करने और सिनेमा हॉल एवं धार्मिक स्थलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। पाकिस्तान में कोविड-19 के कुल मामले 3,79,883 हो गए।

मुल्क के सबसे बड़े प्रांत पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी दफ्तरों में उपस्थिति को सीमित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा कि सिर्फ 50 फीसदी स्टाफ दफ्तर आए और शेष कर्मचारी घर से ही काम करें। सिंध सरकार ने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए और पाबंदियां लागू कर दी हैं।

सरकार ने सरकारी एवं निजी दफ्तरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार का कहना है कि नियम तोड़ने वाले पर जुर्माना लगाया जाएगा। बंद स्थानों पर शादी करने की इजाजत नहीं है और खुले स्थलों पर ही शादी हो सकती है जिनमें अधिकतम 200 मेहमानों को बुलाने की इजाजत है।

बुफे भोज (मेहमानों के लिए बड़ी सी मेज पर खाना लगाना) प्रतिबंधित कर दिया गया है और खाना सिर्फ टिफिन में देना होगा। इसके अलावा, जिम, खेल केंद्र, सिनेमा हॉल और धार्मिक स्थल जैसे बंद स्थानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

प्रांतीय सरकार ने कहा कि शुक्रवार और रविवार को जरूरी सेवा से जुड़ी दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहेंगी जबकि दुकानें शाम छह बजे तक ही खुलेंगी। रेस्तरां में खाना खाने पर रोक होगी। खाना पहुंचाया (डिलिवरी की) जा सकेगा या पैक करा कर ले जाया जा सकेगा। वहीं खुले स्थान पर रात 10 बजे तक खानपा परोसा जा सकता है। दोनों प्रांतों में ये पाबंदियां 31 जनवरी तक लागू रहेंगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में 48 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद मृतक संख्या 7744 पहुंच गई है। करीब 3,31,760 लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं जबकि 1751 मरीजों की हालत नाजुक है। देश में संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 40,379 हो गई है।

प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने हाल में आगाह किया था कि अगर हालात खराब होते हैं तो पूर्ण लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया जाएगा। अधिकारियों ने मंगलवार को 26 नवंबर से 10 जनवरी तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला किया।