America's Watergate scandal conspirator Gordon Liddy dies
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    वाशिंगटन: अमेरिका (America) में वॉटरगेट कांड (Watergate Scandal) के सरगना और जेल (Jail) से रिहा होने के बाद रेडियो टॉक शो की मेजबानी करने वाले गॉर्डन लिड्डी (Gordon Liddy) का निधन (Death) हो गया। वह 90 वर्ष के थे। उनके बेटे थॉमस लिड्डी ने मंगलवार को उनके निधन की पुष्टि की लेकिन मौत के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की। बयान में सिर्फ इतना बताया गया कि उनकी मौत कोविड-19 की वजह से नहीं हुई है। लिड्डी एफबीआई के पूर्व एजेंट थे और वह सेना में भी अपनी सेवा दे चुके थे। उन्हें वॉटरगेट कांड में षडयंत्र, सेंधमारी और अवैध तरीके से निगरानी और जानकारी हासिल करने के संबंध में वायरटेप लगाने के मामले में दोषी ठहराया गया था।

    इस घटना की वजह से राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को इस्तीफा देना पड़ा था। लिड्डी चार साल और चार महीने तक जेल में रहे और उनमें से 100 दिन तो उन्हें एकदम एकांत में गुजारना पड़ा। लड्डी निक्सन के तहत काम करने वाले एक विवादित व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की हत्या कराने, वामपंथी रुझान वाले एक थिंकटैंक पर बम फेंकने और युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन करनेवालों का अपहरण तक करने की सिफारिश की थी।

    व्हाइट हाउस (White House) के उनके सहकर्मियों ने इस तरह के सूझावों को दरकिनार किया था। डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्यालय वॉटरगेट इमारत में जून,1972 में सेंधमारी के उनके षडयंत्र को मंजूरी दी गई थी लेकिन यह घटना प्रकाश में आ गयी और इसके बाद जांच शुरू हो गई। इसी घटना की वजह से 1974 में निक्सन को इस्तीफा देना पड़ा।

    सेंधमारी के मामलों में जेल की सजा काटने के बाद लिड्डी लोकप्रिय और विवादित रेडियो टॉक शो की मेजबानी करने लगे। उन्होंने सुरक्षा सलाहकार, लेखक और अभिनेता के रूप में भी काम किया था।