Two doses of the Oxford-AstraZeneca vaccine are up to 85–90 percent effective: study
Representative Image

    लंदन: ब्रिटिश (British) स्वीडिश (Swedish) दवा कंपनी (Pharma Company) एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) और ब्रिटेन (Britain) के दवा नियामक ने कहा है कि कोविड-19 (Covid-19) से सुरक्षा के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर ऑक्सफोर्ड (Oxford) द्वारा विकसित टीके (Vaccine) सुरक्षित हैं और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इन टीकों के कारण रक्त का थक्काकरण हुआ है जैसा कुछ यूरोपीय देशों से रिपोर्ट की गई आयी है। यह बयान तब आया है जब रक्त थक्काकरण की खबरों के बाद नीदरलैंड ऑक्सफोर्ड/एस्ट्रोजेनेका का इस्तेमाल निलंबित करने वाला एक और देश बन गया है। एस्ट्राजेनेका का सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) के साथ करार है।

    उससे पहले आयरलैंड, बुल्गारिया, डेनमार्क, नार्वे और आयसलैंड ने रक्त थक्काकरण को लेकर चिंताएं सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर इस टीके पर रोक लगा दी थी। एस्ट्रोजेनेका की मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन टेलर ने कहा, ‘‘ यूरोपीय संघ (European Union) और ब्रिटेन (Britain) में करीब 1.7 करोड़ लोगों को हमारा टीका लगाया गया है और इस समूह में रक्त थक्काकरण के मामले कुछ सौ से कम हैं जिसकी आम लोगों में आशंका रहेगी।”

    उन्होंने कहा, ‘‘ इस महामारी की प्रकृति ने व्यक्तिगत मामलों पर ध्यान बढ़ा दिया है और हम टीके से जुड़ी घटना की रिपोर्टिंग में लाइसेंसशुदा दवाओं की सुरक्षा निगरानी के लिए मानक पद्धतियां से भी आगे जा रहे हैं ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।” कंपनी ने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और वह अपने टीके की सुरक्षा की निरंतर निगरानी कर रही है। 

    उसने कहा, ‘‘ यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में टीकाकरण से गुजरे 1.7 करोड़ से अधिक लोगों के उपलब्ध सुरक्षा आंकड़े की सावधानीपूर्वक की गयी समीक्षा से किसी भी उम्र समूह, लिंग या बैच, किसी खास देश में धमनियां या शिराओं में रक्त थक्काकरण का जोखिम बढ़ जाने का सबूत नहीं मिला है।” कंपनी के पास जो सूचनाएं आयी हैं उसके हिसाब से यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में अबतक रक्त थक्काकरण के 15 तथा वाहिका अवरोध के 22 मामले सामने आये हैं।

    उसने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के टीकाकरण के बीच यह आंकड़ा स्वाभाविक रूप से प्रत्याशित ऐसी विसंगति से काफी कम है और अन्य कोविड-19 टीकों में भी ऐसा ही है। इस रूख का विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं ब्रिटेन की ‘मेडिसीन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी’ ने समर्थन किया और लोगों से टीका लेना जारी रखने की अपील भी की है।