H-1B visa bill introduced in US Parliament

वाशिंगटन: अमेरिका (America) के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक और फैसले को बायपास करते हुए जो बाइडेन प्रशासन (Joe Biden Administration) ने यूएस में काम कर रहे एच-1बी वीजा (H-1B visa)  धारकों को बड़ी राहत दी है। बाइडेन प्रशासन ने अपने एक अहम फैसले में एच-1बी वीजा धारक कर्मचारियों के एच-4 वीजाधारक (H-4 Visa) को काम जारी रखने की अनुमति दे दी है। एच-4 वीजा एच-1बी वीसा होल्डरों जीवन साथियों को दिया जाता है जिससे उन्हें अमेरिका में साथ रहने की अनुमति मिलती है। एच-1बी एक गैर प्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को विशेष व्यवसायों में नियुक्त करने की अनुमति देता है।   

बाइडन-हैरिस प्रशासन (Biden-Harris Administration) के इस फैसले के बाद अमेरिका में काम कर रहे भारतीय (Indian) एच-1बी वीजा धारकों ने राहत की सांस ली है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) ने एच-1बी नियमों में बदलाव कर दिया था। जिससे एच-1बी वीजा धारक और भारतीय पेशेवरों के जीवन साथियों को आशंका बनी हुई थी कि अमेरिका में चार वर्ष बिताने के बाद पता नहीं उन्हें आगे काम करने की अनुमति मिल पाएगी या फिर नहीं। उस दौरान, इस ट्रंप के इस फैसले का कमला हैरिस ने भी विरोध किया था और अपनी बात रखते हुए उन्होंने ट्वीट भी किया था। 

 दरअसल, पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल के दौरान एच-1बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देने वाले कानून को पास किया था जिससे सैकड़ों एच-1बी वीजा होल्डर्स को अपने पति या फिर पत्नी को यूएस में साथ रखने में मदद मिल रही थी।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप ने लिया था बड़ा फैसला 

ट्रंप प्रशासन ने स्थानीय कामगारों की सुरक्षा के लिये चुनाव से पहले एच-1बी वीजा को लेकर नयी पाबंदियां लगा दी थीं। यह उस वक्त की सरकार एक ऐसा कदम था जिसका भारत के हजारों आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) पेशेवरों पर प्रभाव पड़ने की आशंका थी। अमेरिका के गृह मंत्रालय ने तब घोषणा की थी कि, अंतरिम नियम से ‘विशेष व्यवसाय’ की परिभाषा का दायरा संकुचित हो जायेगा। कंपनियां विशेष व्यवसाय की परिभाषा के आधार पर बाहरी कर्मचारियों के लिये एच-1बी वीजा का आवेदन करती हैं। ट्रंप प्रशासन ने यह बदलाव ऐसे समय किया था जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में करीब महीने भर का समय बचा था। इस फैसले के बाद अमेरिका में एच-4 वीजा पर मौजूद लोगों चिंतित कर दिया था।