Hope India and China will resolve current border dispute: US

वाशिंगटन: दो प्रभावशाली अमेरिकी सीनेटरों के द्विदलीय समूह ने भारत और चीन के बीच स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) (एलएसी) (LAC) पर यथास्थिति को बदलने के लिए चीन (China) द्वारा अपनाई गई सैन्य आक्रमकता की निंदा की खातिर सीनेट में एक प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव में विवाद के राजनयिक समाधान का अह्वान किया गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगते इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पांच मई से गतिरोध चल रहा है।

दोनों देशों के बीच स्थिति तब और बिगड़ गई जब 15 जून को गलवान घाटी (Galwan Valley) में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारतीय सेना (Indian Army) के 20 जवान शहीद हो गए। इस झड़प में कई चीनी सैनिकों की भी मौत हुई है जिसकी अबतक पुष्टि नहीं की गई है। यह प्रस्ताव सीनेट में बहुमत पक्ष रिपब्लिकन पार्टी के व्हिप सीनेटर जॉन कोर्निन और खुफिया मामलों की सीनेट की स्थायी समिति के प्रमुख सदस्य मार्क वार्नर ने बृहस्पतिवार को पेश किया। कोर्निन और वार्नर ‘‘सीनेट इंडिया कॉकस” के सह अध्यक्ष हैं। सीनेट के प्रस्ताव के पहले पिछले महीने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (House Of Representative) (प्रतिनिधि सभा) में भी ऐसा ही संकल्प पेश किया गया था।

कोर्निन ने कहा, ‘‘ सीनेट इंडिया कॉकस के सह संस्थापक के तौर पर मैं अमेरिका-भारत के बीच मजबूत रिश्तों के महत्व को जानता हूं। मैं चीन के खिलाफ खड़े होने और भारत-प्रशांत क्षेत्र के स्वतंत्र एवं मुक्त रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूं। पहले से कही अधिक अब जरूरी है कि हम अपने साझेदार भारत का समर्थन करें जो चीनी आक्रमता के खिलाफ अपनी रक्षा कर रहा है।”

वार्नर ने कहा, ‘‘ 15 जून को भारत और चीन के बीच संघर्ष, जिसमें 20 भारतीय जवानों की मौत हो गई थी, को विवादित क्षेत्र में बीजिंग के उकसावे की कार्रवाई के प्रति खतरे की घंटी के तौर पर लेना चाहिए।” उन्होंने कहा, ‘‘ यह प्रस्ताव चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा को बदलने के लिए की गई कार्रवाई की निंदा करता है, खासतौर पर तब जब दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर वार्ता चल रही थी। साथ ही यह प्रस्ताव दोनों देशों को एलएसी पर अप्रैल 2020 की स्थिति बहाल करने के लिए राजनयिक समाधान के लिए प्रोत्साहित करता है।”

वार्नर ने कहा कि अमेरिका की लंबे समय से भारत के साथ मजबूत साझेदारी रही है और दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ यह साझेदारी तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब हम भारत-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त सुनिश्चित करने के लिए साथ काम कर रहे हैं।” (एजेंसी)